पहलवान विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी कर भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह पर शोषण और टूर्नामेंट में धांधली के आरोप लगाए, जिसका महावीर फोगाट ने पूर्ण समर्थन किया है।
चरखी दादरी। ओलिंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने एक बार फिर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन पर शोषण और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। चरखी दादरी के बलाली निवासी विनेश ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से कुश्ती महासंघ द्वारा उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर भी गहरे सवाल खड़े किए हैं। विनेश के इस साहसिक कदम का उनके ताऊ और द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर फोगाट ने खुलकर समर्थन किया है। महावीर फोगाट ने विनेश द्वारा कही गई बातों को सत्य बताते हुए कहा कि वे इस न्याय की लड़ाई में अपनी भतीजी के साथ मजबूती से खड़े हैं।
“विनेश की बातों में दम, हम उसके साथ हैं” – महावीर फोगाट
दंगल गर्ल गीता और बबीता फोगाट के पिता महावीर फोगाट ने विनेश के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा कि खिलाड़ी का प्राथमिक अधिकार मैट पर अपनी प्रतिभा दिखाना और देश के लिए मेडल जीतना है। उन्होंने कहा कि विनेश एक लंबे समय के बाद मैट पर वापसी करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, लेकिन जिस तरह की बाधाएं उसके सामने आ रही हैं, वह निंदनीय है। महावीर फोगाट ने बृजभूषण सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि विनेश का दर्द और उसकी शंकाएं पूरी तरह वाजिब हैं। उन्होंने सरकार और खेल मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की ताकि खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित रहे और उन्हें निष्पक्ष मंच मिले।
विनेश ने वीडियो में उठाए गंभीर सवाल और जताई आशंकाएं
विनेश फोगाट ने अपने वीडियो में साझा किया कि डेढ़ साल के अंतराल के बाद उन्होंने पुनः तैयारी शुरू की है, लेकिन गोंडा (जो बृजभूषण सिंह का गृह क्षेत्र है) में टूर्नामेंट आयोजित करना खिलाड़ियों के हक को मारने जैसा है। विनेश का आरोप है कि वहां रेफरी से लेकर मैट चेयरमैन तक सब बृजभूषण के नियंत्रण में होंगे, जिससे किसी भी ईमानदार खिलाड़ी को न्याय मिलना नामुमकिन है। उन्होंने आशंका जताई कि वहां खिलाड़ियों का वजन भी निष्पक्षता से नहीं किया जाएगा और किसे जिताना है या किसे हराना है, यह सब पहले से तय होगा। विनेश ने खेल मंत्रालय की चुप्पी पर भी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है मानो दोषियों को ‘फ्री हैंड’ दे दिया गया है।
भविष्य की रणनीति और न्याय की मांग
इस मुद्दे ने एक बार फिर भारतीय खेल जगत में हलचल पैदा कर दी है। विनेश फोगाट ने स्पष्ट किया है कि वे केवल अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी महिला पहलवानों के लिए आवाज उठा रही हैं जो इस तरह के भेदभावपूर्ण माहौल में खेलने को मजबूर हैं। महावीर फोगाट के समर्थन ने इस आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान की है। अब देखना यह होगा कि खेल मंत्रालय और प्रशासन विनेश द्वारा उठाए गए इन गंभीर बिंदुओं पर क्या संज्ञान लेता है। विनेश ने साफ कहा है कि उनकी इच्छा केवल ईमानदारी से खेलकर तिरंगे का मान बढ़ाना है, लेकिन इसके लिए एक पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण अनिवार्य है।

