कुंदन कुमार, पटना। वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने बिहार सरकार द्वारा 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा पर सवाल उठाया है। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि, अगर अब इसकी जरूरत महसूस हो रही है, तो इसका सीधा मतलब है कि पिछले 20 साल में नीतीश सरकार कानून व्यवस्था के मामले में फेल रही है। सहनी ने कहा कि, सरकार को पहले अपने पुराने वादे पूरे करने चाहिए, उसके बाद ही नई योजनाओं की बात करनी चाहिए।
‘सरकार की नजर जनता से पैसा वसूलने पर’
सड़कों पर टैक्स लगाने के फैसले पर भी मुकेश सहनी ने सम्राट सरकार को घेरा और तंज कसते हुए कहा कि आने वाले समय में शायद कपड़ा पहनने और सांस लेने पर भी टैक्स लगा दिया जाए। उनके अनुसार सरकार का पूरा ध्यान जनता से पैसा वसूलने पर है। वहीं, यूपी में नजरबंदी (हाउस अरेस्ट, लखनऊ) के मुद्दे पर बोलते हुए मुकेश सहनी ने वहां की स्थिति को अघोषित इमरजेंसी जैसा बताया, लेकिन साथ में ये भी कहा कि चुनाव आने वाले हैं और जनता इसका जवाब देगी।
सरकार के पास कोई ठोस काम नहीं- सहनी
वहीं, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और पूर्व सीएम राबड़ी देवी को दोबारा जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा दिए जाने पर मुकेश सहनी ने कहा कि, सरकार पहले एक फैसला लेती है, फिर उसे खुद ही बदल देती है। इससे साफ है कि सरकार के पास कोई ठोस काम नहीं है और वो सिर्फ बेवजह के मुद्दों से ध्यान भटका रही है। उन्होंने ये भी पूछा कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा कैसे होगी? और रोजगार योजनाओं का पैसा उन्हें कब मिलेगा?
बीजेपी विधायक को 4 साल की सजा होने पर कही ये बात
बीजेपी विधायक राजू सिंह को 4 साल की सजा मिलने पर मुकेश सहनी ने कहा कि, ऐसे मामलों में कम से कम 14 साल की सजा होनी चाहिए थी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि, उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है।
बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने हालही में बीजेपी विधायक राजू सिंह को 4 साल की जेल की सजा सुनाई है, इसके साथ ही उनकी विधायकी भी छिन गई है। बता दें कि साल 2018 में जश्न मनाने के दौरान की गई फायरिंग में एक महिला डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत हो गई थी। इस मामले में कोर्ट ने राजू सिंह को हत्या का दोषी ठहराया था। वे बिहार के साहेबगंज से बीजेपी के विधायक हैं।
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