Dharm Desk – आजकल हाथ में कछुए वाली अंगूठी पहनना एक नया चलन बन चुका है। लोग इसे धन-दौलत आकर्षित करने वाला साधन मानकर अपनी उंगलियों में सजा लेते हैं। लोग बिना सोचे-समझे इसे खरीद लेते हैं। लेकिन यही अंगूठी बनते काम बिगाड़ सकती है? जानकार मानते हैं कि कछुआ हर किसी की किस्मत नहीं चमका सकता हैं। बल्कि कुछ लोगों का नुकसान भी करवा सकता है।

शास्त्रों में कछुए को भगवान विष्णु के कूर्म अवतार और देवी लक्ष्मी का रूप माना गया है। कछुआ सीधे तौर पर जल तत्व से जुड़ा होता है।अगर किसी मनुष्य का स्वभाव या राशि अग्नि मतलब आग से जुडा है।और वह अपने हाथ में जल का प्रतीक पहन ले तो क्या होगा? सीधी बात है—आग और पानी का मेल हमेशा नुकसान ही कराएगा। बिना सोचे-समझे पहनी गई यह अंगूठी जीवन में आर्थिक तंगी और बेवजह का गुस्सा और मानसिक तनाव ला सकती है।

कछुए की अंगूठी से इन राशि वालों को रहना चाहिए दूर

  1. मेष और वृश्चिक राशि – इन दोनों राशियों का सीधा संबंध मंगल ग्रह से है। मंगल मतलब आग और ऊर्जा। जब इस राशि के लोग जल तत्व से जुड़ी कछुए की अंगूठी पहनते हैं। तो उनकी ऊर्जा आपस में टकराने लगती है। यह होता है कि मनुष्य का स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है। बात-बात पर गुस्सा आता है और घर में झगड़े बढ़ने लगते है।
  2. कन्या राशि – कन्या राशि के लोगों का दिमाग बहुत व्यावहारिक होता है और इनका स्वामी बुध है। इस अंगूठी को पहनने से उनकी सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है। व्यापार में घाटा होने लगता है और हाथ में आया हुआ पैसा पानी की तरह बह जाता है।
  3. मीन राशि – इस राशि का स्वामी गुरु है और यह खुद जल तत्व की राशि है। जब मीन राशि वाले कछुए की अंगूठी पहनते हैं।तो जल तत्व की अति हो जाती है। इससे इंसान ज़रूरत से ज़्यादा भावुक हो जाता है। छोटी-छोटी बातों पर चिंतित हो जाता है और उसका मन पढ़ाई या काम में नहीं लगता।

अगर आपकी राशि इनमें से एक है और आप यह भी अंगूठी पहने हुए हैं।तो अच्छा होगा कि आज ही इसे उतारकर घर के मंदिर में रख दें।

कछुआ अंगूठी पहनने का सही तरीका

अगर राशि इसके लिए अनुकूल भी है तब भी इसे पहनने का एक खास तरीका होता है।जो बहुत बार लोग गलत कर बैठते हैं।

  1. कछुए का मुंह – लोग सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि कछुए का मुंह बाहर की तरफ करके पहन लेते हैं। कछुए का मुंह हमेशा अपनी तरफ अंदर की ओर होना चाहिए। अगर मुंह बाहर होगा तो धन घर में आने के जगह बाहर चला जाएगा।
  2. सही उंगली और दिन – कछुए वाली अंगूठी को हमेशा सीधे हाथ के अंगूठे के पास वाली उंगली या बीच वाली उंगली में पहनना चाहिए। इसे पहनने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे अच्छा माना जाता है।
  3. धारण करने की विधि – शुक्रवार की सुबह अंगूठी को कच्चे दूध और गंगाजल से पवित्र करें। फिर देवी लक्ष्मी के सामने रखकर घी का दिया जलाएं और उसके बाद इस मंत्र का जाप करें…. ओम श्रीं महा लक्ष्म्यै नमः मंत्र जाप के बाद इसे धारण करें।