दिल्ली में पेंडिंग ट्रैफिक चालानों (pending traffic challan) के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए अब वीकेंड कोर्ट (Weekend court) की व्यवस्था शुरू की जा रही है। इसके तहत दिल्ली की सभी जिला अदालतों में हर महीने के दूसरे शनिवार और सभी रविवार को विशेष सुनवाई की जाएगी। इस व्यवस्था के तहत अदालतों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक तय किया गया है। 11 जिलों में कुल 22 बेंच गठित की गई हैं, जो पेंडिंग चालानों के मामलों की तेजी से सुनवाई करेंगी और उनका निपटारा करेंगी। प्रत्येक बेंच प्रतिदिन लगभग 700 पेंडिंग चालानों का निपटान करने में सक्षम होगी। इस पहल का उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का दबाव कम करना और ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का तेजी से समाधान सुनिश्चित करना है।
यह व्यवस्था खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जो कामकाजी दिनों में अदालत जाकर चालानों से जुड़े मामलों का निपटारा नहीं कर पाते हैं। इन वीकेंड कोर्ट में केवल कंपाउंडेबल ट्रैफिक चालानों की ही सुनवाई की जाएगी। ऐसे चालानों का निपटारा जुर्माना भरकर किया जा सकता है, जिससे मामलों का त्वरित समाधान संभव होगा। वहीं, नॉन-कंपाउंडेबल चालानों की सुनवाई इन विशेष अदालतों में नहीं होगी। ऐसे मामलों में न्यायिक जांच की आवश्यकता होती है, क्योंकि ये गंभीर प्रकृति के उल्लंघनों से जुड़े होते हैं।
लंबित ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए ‘वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट’ की शुरुआत 5 जुलाई, 2026 से की जाएगी। इस व्यवस्था से चालान से जुड़े मामलों का निपटारा तेज और आसान होने की उम्मीद है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के पोर्टल पर चालान स्लिप डाउनलोड करने की सुविधा 25 जून सुबह 10 बजे से उपलब्ध होगी। वाहन चालक इस दौरान अपनी चालान स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे और साथ ही कोर्ट परिसर, पेशी की तारीख और समय स्लॉट भी चुन सकेंगे। इस प्रक्रिया के तहत दो टाइम स्लॉट निर्धारित किए गए हैं सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक। इसके अलावा, चालान का भुगतान यूपीआई (UPI) और भारत बिल पेमेंट सिस्टम (BBPS) के जरिए भी किया जा सकेगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया और अधिक सरल व तेज हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत 11 जिला अदालतों में कुल 22 बेंच तैनात की जाएंगी। ये बेंच पेंडिंग चालान मामलों की सुनवाई कर उनका तेजी से निपटान करेंगी। प्रत्येक बेंच प्रतिदिन लगभग 700 चालानों का निपटारा करने में सक्षम होगी। हालांकि, ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए पहले से ही शाम की अदालतें और लोक अदालतें संचालित हैं, लेकिन कामकाजी लोगों को वीकडेज में समय निकालने में दिक्कतों के कारण मामलों का बैकलॉग लगातार बढ़ता जा रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा कुल 42.2 लाख चालान और नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 96.5 प्रतिशत यानी 40.7 लाख से अधिक मामले अभी भी लंबित हैं। दिल्ली में लगाए गए कैमरों के जरिए वाहनों की पहचान कर ऑटोमेटिक चालान जारी किए जाते हैं। इसके अलावा, ओवरस्पीडिंग जैसे मामलों में तकनीकी सिस्टम के माध्यम से वाहनों की निगरानी कर ऑनलाइन चालान और नोटिस भेजे जाते हैं।
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