West Bengal Exit Poll Date 2026:देश में इस वक्त पश्चिम बंगाल और असम समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। असम और तमिलनाडु समेत 4 राज्यों के चुनाव खत्म हो गए हैं। अब लोोगं को रिजल्ट का इंजार है। जबकि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरण में हो रहा है। 23 अप3ैल को पहले चरण का मतदान खत्म हुआ। अब 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होना है। 5 राज्यों में से सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र पश्चिम बंगाल है। बंगाल में 15 साल से ममता बनर्जी की सरकार है। वहीं बीजेपी इस बार सत्ता में आने के लिए पूरा दमखम लगाए हुए हैं। ऐसे में देश की जनता का सारा ध्यान बंगाल पर आकर टिक गया है। हर कोई जानना चाहता है कि बंगाल में इस बार कौन खेला करेगा। इस लिए पहले चरण के मतदान खत्म होने के साथ ही लोग बंगाल एग्जिट पोल के बारे में सर्च करने लगे हैं।
एग्जिट पोल के आंकड़े आमतौर पर वोटिंग का आखिरी फेज़ पूरा होने के बाद जारी किए जाते हैं। हालांकि अभी बंगाल चुनाव का दूसरा चरण होना है। लिहाजा असम और तमिलनाडु समेत 4 राज्यों के भी एग्जिट पोल जारी नहीं किया गया है। 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान खत्म होने के बाद सभी 5 राज्यों के एग्जिट पोल विभिन्न एजेंसिय़ां जारी करेगी।

पश्चिम बंगाल में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 92% वोटिंग हुई। कुछ सीटों पर तो 95% तक मतदान हुआ। 294 सदस्यों वाली विधानसभा चुनाव के इस चरण में 167 महिलाओं समेत कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस मुकाबले पर सबकी नज़र है क्योंकि इससे यह तय हो सकता है कि तृणमूल कांग्रेस की चीफ ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनती हैं या भारतीय जनता पार्टी राज्य में लंबे समय से इंतज़ार की जा रही बड़ी जीत हासिल करती है। इस चुनाव को मौजूदा तृणमूल कांग्रेस और फिर से उभर रही BJP के बीच एक बड़े मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या एग्जिट पोल अभी जारी होंगे?
नहीं, बंगाल चुनाव के दूसरे चरण का मतदान खत्म नहीं होने तर एग्जिट पोल जारी नहीं होंगे। क्योंकि इलेक्शन कमीशन ने कई फेज़ में चल रहे इलेक्शन के दौरान ऑफिशियल बैन लगा दिया है।भारत के इलेक्शन कमीशन ने पांच राज्यों में चल रहे असेंबली इलेक्शन के लिए एग्जिट पोल करने और उन्हें पब्लिश करने पर बैन लगा दिया है। यह बैन 9 अप्रैल को सुबह 7 बजे से 29 अप्रैल को शाम 6:30 बजे तक लागू रहेगा, जिसमें पूरे पोलिंग टाइम को कवर किया जाएगा। रिज़ल्ट 4 मई को घोषित किए जाएंगे। इस नियम का कोई भी उल्लंघन करने पर रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट, 1951 के तहत एक्शन लिया जा सकता है, जिसमें दो साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों की सज़ा का प्रावधान है।
एग्जिट पोल क्या हैं?
एग्जिट पोल ऐसे सर्वे होते हैं जो वोटरों के वोट डालने के तुरंत बाद किए जाते हैं, आमतौर पर पोलिंग स्टेशनों के बाहर। इन पोल का मकसद वोटिंग पैटर्न का पता लगाना और ऑफिशियल नतीजों की घोषणा से पहले चुनाव के नतीजों का अनुमान लगाना होता है। मीडिया ऑर्गनाइज़ेशन और प्राइवेट एजेंसियां इन्हें करती हैं, और ये वोटरों की पसंद, मुख्य मुद्दों और डेमोग्राफिक डिटेल्स के बारे में सैंपल वोटरों के जवाबों पर निर्भर करती हैं।
यह भी पढ़ेंः- ‘एक मूर्ख की वजह से देश इतना नुकसान नहीं झेल सकता…,’ किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर करारा वार, बोले- अब हर बिल पास कराएगी सरकार
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

