हेमंत शर्मा, इंदौर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एक बार फिर अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मंच से उनका बेहद कड़ा और बेबाक अंदाज देखने को मिला, जिसके बाद राज्य के सियासी गलियारों में इसके राजनीतिक मायने निकाले जाने शुरू हो गए हैं।

70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजयवर्गीय ने बिना किसी लाग-लपेट के अपनी बात रखी। उन्होंने साफ तौर पर कहा-“मैं जो भी करता हूं, मुंह पर करता हूं… पीठ पीछे नहीं। जो गलत है, वो गलत है और जो सही है, वो सही है।” इतना ही नहीं, उन्होंने अपने ठेठ देसी और चुटीले अंदाज में आगे कहा, “70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं… किसी को बुरा लगे तो लगे… अपने को क्या फर्क पड़ता है उससे।”

बयान के सियासी मायने और मंथन

कैलाश विजयवर्गीय अपने बेबाक और आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस बार मंच से उनके इन तेवरों ने राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया है। विजयवर्गीय का यह कहना कि ‘उन्हें किसी के बुरा मानने से कोई फर्क नहीं पड़ता’, राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। माना जा रहा है कि इस बयान के जरिए उन्होंने पार्टी के भीतर या विपक्ष के विरोधियों को एक कड़ा संदेश देने की कोशिश की है। फिलहाल, इस बयान के बाद सियासी हलकों में इसे लेकर मंथन का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीति गरमाने के पूरे आसार हैं।

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