कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। फोन पर एक साधारण सा मैसेज। मैसेज में लिखा था कि आरटीओ चालान लंबित है और तुरंत भुगतान नहीं किया तो कार्रवाई हो सकती है। सामने दिख रहे लिंक पर क्लिक करते ही कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से लाखों रुपए गायब हो गए। शुरुआत में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर मोबाइल हैक कैसे हुआ।जांच आगे बढ़ी तो मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा।
पुलिस के सामने धीरे-धीरे ऐसा नेटवर्क खुलता गया जिसने कई राज्यों में दर्जनों लोगों को अपना शिकार बनाया था। हर किसी के मोबाइल पर लगभग एक जैसा लिंक भेजा गया और फिर बैंक खातों से रकम साफ कर दी गई। साइबर टीम को तकनीकी जांच में ऐसे सुराग मिले जो सीधे राजस्थान तक जा पहुंचे।
सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने बीकानेर के गाजेवाला इलाके में दबिश देकर गिरोह के मुख्य सदस्य मनफूल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी महज 12वीं पास है और उसने जयपुर के एक होटल में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर से साइबर ठगी के तरीके सीखे थे। इसके बाद उसने अपने साथी के साथ मिलकर हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के करीब 70 लोगों से लगभग 50 लाख रुपए की ठगी कर डाली।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी 5 से 10 प्रतिशत कमीशन पर अलग-अलग बैंक खातों में ठगी की रकम मंगवाता था। सोनीपत के जटवाड़ा निवासी संजीव के साथ हुई दो लाख रुपए की ठगी के बाद पुलिस हरकत में आई थी। फिलहाल पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है और लोगों से अपील कर रही है कि आरटीओ चालान के नाम पर आए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, क्योंकि एक क्लिक आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकता है।
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