महाराष्ट्र के अकोला में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। सिर्फ इसलिए कि एक कुत्ता एंबुलेंस से टकराकर मर गया। यहां गुस्से से आगबबूला एक व्यक्ति ने एंबुलेंस को रास्ते में ही रोक दिया, चालक के साथ मारपीट की… और इस बीच एक गंभीर मरीज ने समय पर इलाज न मिलने के कारण दम तोड़ दिया।
Encounter in Udhampur: सुरक्षाबलों ने मार गिराया जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी, तीन दहशतगर्द घिरे; मुठभेड़ जारी
देरी और छिन गई एक ज़िंदगी
जानकरी के अनुसार घटना अकोला शहर के एक व्यस्त इलाके में घटित हुई। एक 45 वर्षीय मरीज, जिसे तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी, को परिजन एंबुलेंस से अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में अचानक एक कुत्ता सड़क पार करते समय एंबुलेंस की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने इजरायल पर किया जीत का ऐलान…बोले- ‘अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा, नहीं आता तो कर देते खात्मा’
चालक को पीटा
यह देखकर पास में मौजूद एक व्यक्ति, जो उस कुत्ते का देखभालकर्ता था, आगबबूला हो गया। उसने न केवल एंबुलेंस को जबरन रोका, बल्कि चालक को बाहर खींचकर पीटना शुरू कर दिया। उसने वाहन की चाबी भी छीन ली।
तड़प-तड़प कर हो गई मरीज की मौत
जब चालक के साथ धक्का-मुक्की हो रही थी, उस समय एंबुलेंस के भीतर मरीज दर्द से कराह रहा था। परिजन गिड़गिड़ाते रहे “कृपया पहले अस्पताल चलने दीजिए, उसके बाद जो करना है कीजिए।” लेकिन गुस्से में अंधे उस व्यक्ति के लिए उस मासूम की जान कोई मायने नहीं रखती थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज ने दम तोड़ दिया।
अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में युवती की 13वीं मंजिल से गिरकर मौत : दोस्तों के साथ कर रही थी पार्टी, रील बनाने के दौरान गिरी
“उसे बचाया जा सकता था… बस थोड़ी सी इंसानियत चाहिए थी”
मरीज के बेटे ने कहा “पिताजी की हालत गंभीर थी, लेकिन हमारे पास उम्मीद थी। हम समय पर अस्पताल पहुंच सकते थे। पर किसी को एक जानवर की मौत का इतना गुस्सा था कि उसने एक इंसान की ज़िंदगी छीन ली।” इस अमानवीय हरकत के बाद अकोला पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
‘पानी दो वरना जंग के लिए तैयार रहे इंडिया’, बिलावल भुट्टो ने उगला जहर तो भारत ने कहा- पानी कहीं नहीं जाएगा, जो करना है..
स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश
आरोपी के खिलाफ आपातकालीन सेवाओं में बाधा, मारपीट, और लापरवाही से हुई मौत जैसे गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। सामाजिक संगठनों और डॉक्टरों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि, “अगर एंबुलेंस सुरक्षित नहीं है, तो फिर किसी की जान भी सुरक्षित नहीं है।”

