Business Desk – देश में म्यूचुअल फंड निवेश लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. हर महीने करोड़ों रुपए की SIP और बड़ी मात्रा में एकमुश्त निवेश के चलते म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगातार बढ़ रहा है. हालांकि, एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ताजा जियोग्राफिकल रिपोर्ट बताती है कि देश के कुल म्यूचुअल फंड निवेश का बड़ा हिस्सा अभी भी कुछ चुनिंदा राज्यों तक सीमित है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के कुल म्यूचुअल फंड AUM का 71 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ पांच राज्यों के पास है.

महाराष्ट्र सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड हब, 33.33 लाख करोड़ रुपए का AUM

AMFI के ताजा आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड निवेश वाला राज्य बना हुआ है. राज्य का औसत एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 33.33 लाख करोड़ रुपए है, जो देश में सबसे अधिक है. दूसरे स्थान पर दिल्ली है, जहां औसत AUM 8.49 लाख करोड़ रुपए है. यानी महाराष्ट्र अकेले ही दूसरे स्थान पर मौजूद दिल्ली से चार गुना से भी ज्यादा निवेश आकर्षित करता है. इससे साफ है कि देश के म्यूचुअल फंड उद्योग का सबसे बड़ा केंद्र अभी भी महाराष्ट्र ही है.

ये हैं देश के टॉप-5 म्यूचुअल फंड निवेश वाले राज्य

महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद कर्नाटक तीसरे स्थान पर है, जहां औसत AUM 5.86 लाख करोड़ रुपए है. इसके बाद गुजरात 5.69 लाख करोड़ रुपए के साथ चौथे और पश्चिम बंगाल 4.02 लाख करोड़ रुपए के साथ पांचवें स्थान पर है. वहीं तमिलनाडु में 3.73 लाख करोड़ रुपए और उत्तर प्रदेश में 3.52 लाख करोड़ रुपए का औसत AUM दर्ज किया गया है. इससे यह भी साफ होता है कि म्यूचुअल फंड निवेश अब सिर्फ मुंबई और दिल्ली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देश के अन्य बड़े राज्यों में भी तेजी से फैल रहा है.

इन राज्यों ने भी पार किया 1 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा

रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, केरल, आंध्र प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों का औसत म्यूचुअल फंड AUM भी 1 लाख करोड़ रुपए से ऊपर पहुंच चुका है. यह इस बात का संकेत है कि छोटे और मध्यम शहरों के निवेशक भी अब तेजी से म्यूचुअल फंड की ओर रुख कर रहे हैं.

देश के 71% निवेश पर सिर्फ पांच राज्यों का कब्जा

AMFI के आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र अकेले देश के कुल म्यूचुअल फंड AUM का 37 प्रतिशत हिस्सा रखता है. दिल्ली की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत है. कर्नाटक और गुजरात दोनों का योगदान 7-7 प्रतिशत है, जबकि पश्चिम बंगाल की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत है. यानी इन पांच राज्यों में देश के कुल म्यूचुअल फंड निवेश का 71 प्रतिशत हिस्सा केंद्रित है. बाकी 29 प्रतिशत निवेश देश के सभी अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैला हुआ है.

ज्यादातर राज्यों में इक्विटी फंड पहली पसंद

रिपोर्ट के अनुसार देश के अधिकांश राज्यों में निवेशकों की पहली पसंद इक्विटी म्यूचुअल फंड हैं. बिहार, अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में कुल AUM का औसतन 81 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी फंड में निवेश किया गया है. पंजाब में यह आंकड़ा 80 प्रतिशत, राजस्थान में 79 प्रतिशत, मध्य प्रदेश में 78 प्रतिशत, केरल में 77 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 76 प्रतिशत है. इससे पता चलता है कि अधिकांश निवेशक लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न के लिए इक्विटी फंड को प्राथमिकता दे रहे हैं.

महाराष्ट्र और दिल्ली का निवेश पैटर्न सबसे अलग

देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड बाजार होने के बावजूद महाराष्ट्र में निवेश का पैटर्न बाकी राज्यों से अलग है. यहां कुल AUM का केवल 40 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी फंड में निवेश है, जबकि 60 प्रतिशत निवेश डेट फंड और लिक्विड फंड जैसी नॉन-इक्विटी स्कीम्स में किया गया है. दिल्ली में भी तस्वीर लगभग ऐसी ही है, जहां निवेश 50-50 प्रतिशत के अनुपात में इक्विटी और नॉन-इक्विटी फंड में बंटा हुआ है.

मिजोरम ने बनाया अलग रिकॉर्ड

AMFI की रिपोर्ट में मिजोरम ने एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया है. यह देश का इकलौता राज्य है जहां म्यूचुअल फंड AUM का सिर्फ 43 प्रतिशत हिस्सा इक्विटी फंड में है, जबकि 57 प्रतिशत निवेश नॉन-इक्विटी स्कीम्स में किया गया है. यानी मिजोरम भारत का एकमात्र राज्य है, जहां डेट और लिक्विड फंड जैसे नॉन-इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश इक्विटी फंड से ज्यादा है.

क्या कहते हैं ये आंकड़े?

AMFI की यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि भारत में म्यूचुअल फंड निवेश का दायरा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सबसे बड़ी हिस्सेदारी अभी भी आर्थिक रूप से मजबूत और वित्तीय गतिविधियों वाले राज्यों के पास है. दूसरी ओर, छोटे राज्यों और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में भी निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जिससे आने वाले वर्षों में म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का विस्तार और तेज होने की संभावना है.