तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की आखिरी विदाई के दौरान एक बहुत बड़ा सस्पेंस देखने को मिला. वह मंजर था ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का अपने पिता अयातुल्लाह अली खामेनेई के जनाजे में नहीं दिखना. चर्चा है कि सुरक्षा अधिकारियों को इजरायल द्वारा हमले का डर था, जिसके कारण उनकी अंतिम संस्कार में शामिल होने की गुजारिश ठुकरा दी गई.
ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के तीनों बेटे, मुस्तफा, मसूद और मैसम, 5 जुलाई को अंतिम संस्कार में उपस्थित थे, जो महीनों के बाद उन तीनों की पहली सार्वजनिक उपस्थिति दिखाई दी.
तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में जब पूरी दुनिया के नेता जुटे तो सबकी निगाहें सिर्फ एक शख्स को ढूंढ रही थीं. वो शख्स कोई और नहीं, बल्कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई है. अयातुल्ला को आखिरी वक्त में अपने सगे बेटे का कांधा नसीब नहीं होना, बहुत कुछ बयां करने लगा है.
खामेनेई के ताबूत को ईरानी झंडे में लपेटकर उसे उन चार रिश्तेदारों के ताबूतों के बगल में रखा गया था जो 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमले में मारे गए थे. अंतिम संस्कार समारोह के दूसरे दिन प्रार्थना सभा की अध्यक्षता 97 वर्षीय प्रसिद्ध शिया मुस्लिम धर्मगुरु जाफर सोभानी ने की.
नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का गायब रहना हर किसी के जुबां पर अजीबोगरीब अफवाहों और चर्चाओं का बाजार को गर्म कर रहा है. यहां तक कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के सबसे ताकतवर और सीक्रेसी में रहने वाले कमांडर अहमद वाहिदी भी इस शोक सभा में शामिल हो गए लेकिन मोजतबा नहीं दिखे.
सूत्रों से तो पता चला है कि मुजतबा खामेनेई अपने पिता का 9 जुलाई को मशहद में होने वाला अंतिम संस्कार देखना और रस्में पूरी करना चाहते हैं. लेकिन अभी तक उन्हें सुरक्षा की दृष्टि से ईजाजत नहीं मिली है. ईरान के चार वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि खामेनेई के लंबे समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई न देने के कारण उनके शासन के बने रहने को लेकर चिंता पैदा हो गई है.
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