दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। एमपी के ​नर्मदापुरम में जिला मुख्यालय पर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की एक महिला कार्यकर्ता ने अपनी मांगों को लेकर पीडब्ल्यूडी और जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह के काफिले को रोक दिया। जिला योजना समिति की बैठक के बाद जब मंत्री भोपाल के लिए रवाना हो रहे थे, तब ग्राम खरगावली की सपना गोस्वामी अचानक उनकी गाड़ी के सामने हाथ जोड़कर खड़ी हो गईं। सपना गोस्वामी ने मंत्री को रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई।

उन्होंने बताया कि वह साल 2023 से आजीविका मिशन के तहत बैंक सखी, कृषि सखी और पोषण सखी के रूप में काम कर रही हैं। ‘एक बगिया मां के नाम’ अभियान के तहत उन्होंने अथक परिश्रम कर पौधे लगवाए और तार फेंसिंग का काम भी कराया। इसके बावजूद, फरवरी 2026 से उन्हें न तो मानदेय मिला है और न ही फेंसिंग व मजदूरी का भुगतान हुआ है। समूह और जनपद पंचायत माखन नगर के सीईओ से कई बार शिकायत की, लेकिन हमेशा बजट न होने का बहाना मिला। परिवार कर्ज में डूब चुका है। अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो मैं परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर होउंगी।

मंत्री राकेश सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए महिला की बात सुनी और तुरंत कलेक्टर सोमेश मिश्रा को मामले के निपटारे के निर्देश दिए। मौके पर पहुंचे डिप्टी कलेक्टर देवेंद्र प्रताप सिंह और नीता कोरी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने स्वीकार किया कि महिला का मानदेय बाकी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामला संज्ञान में आ चुका है और जांच कराकर जल्द से जल्द भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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