यमुनानगर के कन्हैया साहिब चौक निवासी व्यक्ति से उसके पुराने दोस्त ने धारूहेड़ा में प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर 50 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में केस दर्ज किया है।
यमुनानगर। में दोस्ती के रिश्ते को कलंकित करने वाला एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने अपने ही पुराने दोस्त को प्रॉपर्टी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर 50 लाख रुपये की चपत लगा दी। पीड़ित को बाद में पता चला कि जिस जमीन के नाम पर उससे पैसे लिए गए थे, उस पर पहले से ही बैंक लोन चल रहा है। शिकायत के आधार पर शहर यमुनानगर थाना पुलिस ने रेवाड़ी के सेक्टर चार निवासी आरोपी रामअवतार के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुरानी दोस्ती का फायदा उठाकर दिया ठगी को अंजाम
यमुनानगर के कन्हैया साहिब चौक निवासी देवेंद्र सिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी रामअवतार उनके काफी पुराने मित्र हैं और वह रेवाड़ी के धारूहेड़ा में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। नवंबर 2024 में एक मुलाकात के दौरान आरोपी ने देवेंद्र को धारूहेड़ा में एक लाभदायक प्रॉपर्टी सौदे के बारे में बताया। उसने दावा किया कि इस जमीन में निवेश करने से उन्हें बहुत बड़ा मुनाफा होगा। पुरानी दोस्ती के कारण देवेंद्र ने उस पर अटूट विश्वास कर लिया और निवेश के लिए 30 लाख रुपये आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए, जबकि शेष 20 लाख रुपये नकद सौंप दिए।
फर्जी दस्तावेज और लोन की सच्चाई आने पर दी धमकी
धोखाधड़ी को पुख्ता करने के लिए आरोपी ने पीड़ित को जमीन का नक्शा और बैनामा (Sale Deed) भी दिखाया था, जिससे देवेंद्र को सौदे पर पूरा यकीन हो गया। हालांकि, जब कुछ दिनों बाद देवेंद्र ने जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम कराने के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी बहाने बनाने लगा और बाद में उसने फोन उठाना भी बंद कर दिया। संदेह होने पर जब देवेंद्र ने अपने स्तर पर जमीन की जांच करवाई, तो उसे पता चला कि उस जमीन पर पहले से ही लोन लिया गया है। सच्चाई सामने आने पर जब पीड़ित ने अपने 50 लाख रुपये वापस मांगे, तो आरोपी रामअवतार ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगा।
पुलिस की कार्रवाई और आगामी जांच प्रक्रिया
शहर यमुनानगर पुलिस ने पीड़ित देवेंद्र सिंह के बयान दर्ज कर लिए हैं और आरोपी रामअवतार के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन के विवरण खंगाल रही है और उन दस्तावेजों की भी जांच कर रही है जो आरोपी ने पीड़ित को दिखाए थे। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह किसी अन्य व्यक्ति के साथ भी धोखाधड़ी की है।
प्रॉपर्टी निवेश में सावधानी बरतने की सलाह
इस घटना ने एक बार फिर निवेश के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को उजागर किया है। पुलिस और विशेषज्ञों ने आम जनता को सलाह दी है कि किसी भी प्रॉपर्टी में निवेश करने से पहले जमीन के असली मालिक, उसकी रजिस्ट्री और उस पर किसी भी प्रकार के लोन या कानूनी विवाद की गहनता से जांच अवश्य करें। केवल दोस्ती या जान-पहचान के आधार पर बड़े आर्थिक लेन-देन करने से बचना चाहिए। किसी भी संदेह की स्थिति में तहसील कार्यालय या संबंधित बैंक से जमीन का ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ जरूर मांगना चाहिए ताकि ऐसी ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।

