यमुनानगर में बिजली निगम के SDO विकास बंसल की सड़क हादसे में मौत हो गई है। प्राइवेट बस और सरकारी बोलेरो के बीच हुई टक्कर में कई लोग घायल भी हुए हैं।

यमुनानगर। जिले के बिलासपुर-साढौरा मार्ग पर शुक्रवार को हुआ एक दर्दनाक सड़क हादसा कई सवाल छोड़ गया। कुछ सेकेंड की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बिजली निगम के एसडीओ विकास बंसल, जो रोज की तरह अपने काम पर निकले थे, शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। एक ओवरटेक की कोशिश ने ऐसा दर्दनाक मंजर खड़ा कर दिया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

हादसा लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास उस समय हुआ, जब एक सरकारी बोलेरो और एक प्राइवेट बस के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। जानकारी के मुताबिक प्राइवेट बस जगाधरी से बिलासपुर की ओर आ रही थी, जबकि सरकारी बोलेरो साढौरा से जगाधरी की तरफ जा रही थी। बताया जा रहा है कि ओवरटेक के दौरान दोनों वाहन आमने-सामने आ गए और तेज रफ्तार के बीच इतनी भीषण भिड़ंत हुई कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। बस का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सरकारी बोलेरो में सवार बिजली निगम के एसडीओ विकास बंसल गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और उन्हें तुरंत बिलासपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें यमुनानगर रेफर कर दिया, लेकिन जिंदगी की जंग ज्यादा देर तक नहीं चल सकी। इलाज के दौरान विकास बंसल ने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर मिलते ही बिजली निगम विभाग और जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई।

वहीं हादसे में प्राइवेट बस में सवार कई यात्री भी घायल हुए हैं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि कुछ को गंभीर चोट लगने की सूचना है।

घटना की जानकारी मिलते ही बिलासपुर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालते हुए यातायात सुचारु कराया। दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर रास्ता खुलवाया गया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह ओवरटेक के दौरान हुई लापरवाही बताई जा रही है, हालांकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क पर कुछ सेकेंड की जल्दबाजी कितनी भारी पड़ सकती है। एक ओवरटेक की कीमत किसी की जिंदगी बन जाए या मौत, इसका फैसला कभी-कभी पलभर में हो जाता है। इस हादसे ने न सिर्फ एक अधिकारी की जान ली, बल्कि एक परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया।