सुरेश पाण्डेय, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के दूरस्थ गांवों में शिक्षा की तस्वीर जानने के लिए जब जिला शिक्षा अधिकारी खुद मैदान में उतरीं, तो सिर्फ स्कूलों का निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि अभिभावकों के घर तक पहुंच गईं। बच्चों की कम उपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने गांव-गांव जाकर शिक्षा की अलख जगाई और अभिभावकों से सीधा संवाद कर बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील की।

सरकारी योजनाओं और दावों के बीच स्कूलों की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कविता त्रिपाठी देवसर विकासखंड के बरका और पिपरी क्षेत्र के विद्यालयों में पहुंचीं। उन्होंने शासकीय प्राथमिक विद्यालय नया टोला बरका, हाई स्कूल पिपरी और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरका का औचक निरीक्षण किया। कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई का स्तर परखा और शिक्षकों की उपस्थिति की जानकारी ली।

ये भी पढ़ें: बिना तिरपाल कोयला और राखड़ वाहनों पर कलेक्टर का प्रहारः सड़क पर उतरकर रुकवाईं गाड़ियां, 32 वाहन जब्त

अभिभावकों से की ये अपील

निरीक्षण के दौरान जब विद्यार्थियों की संख्या अपेक्षा से कम मिली तो डीईओ ने कारण जानने का फैसला किया। इसके लिए वे सीधे गांव पहुंचीं। घर-घर जाकर अभिभावकों से बातचीत की, खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों से मुलाकात की और पूछा कि आखिर बच्चे नियमित रूप से स्कूल क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। डीईओ ने अभिभावकों को समझाया कि बच्चों का भविष्य शिक्षा से ही सुरक्षित होगा और उन्हें प्रतिदिन विद्यालय भेजना जरूरी है।

ये भी पढ़ें: राजधानी के 200 पेट्रोल पंप रडार पर: पेट्रोल पंपों की होगी जांच, लगातार मिल रही थी ये शिकायतें

डीईओ ने विद्यार्थियों से पूछे सवाल

स्कूल पहुंचकर जिला शिक्षा अधिकारी ने कक्षा 6, 7 और 9 के विद्यार्थियों से गणित, हिंदी और भाषा विषयों से जुड़े सवाल पूछे। कई बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ जवाब दिए तो कुछ को ब्लैकबोर्ड पर प्रश्न हल करने के लिए कहा गया। इस दौरान शिक्षण स्तर का मूल्यांकन करते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए गए। विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, शैक्षणिक वातावरण और व्यवस्थाओं की भी गहन समीक्षा की गई।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m