मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के पंचम स्थापना दिवस पर विद्यार्थियों को शिक्षा के व्यापक उद्देश्य से अवगत कराया. उन्होंने गोरखपुर को शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और नवाचार के क्षेत्रीय ज्ञान एवं आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बताईं.

गोरखपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के पंचम स्थापना दिवस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सामान्यतया ज्ञान के केंद्र माने जाते हैं और यह विश्वविद्यालय ज्ञान, चिकित्सा, कृषि तथा कौशल की संभावनाओं के द्वार खोलने के संकल्प के साथ अपने संस्थापकों के सपनों को साकार करने के लिए स्थापित हुआ है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं माना जाना चाहिए. शिक्षा का उद्देश्य ऐसे युवा तैयार करना है, जो अपने ज्ञान और कौशल से अवसर पैदा कर सकें, अवसर को रोजगार में और रोजगार को प्रगति में बदल सकें.

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल परीक्षा पास करने तक सीमित न रहें, बल्कि वास्तविक दुनिया की समस्याओं को समझने और उनके समाधान तलाशने में अपनी भूमिका निभाएं.

मुख्यमंत्री ने परिसर में मौजूद पारंपरिक चिकित्सा, आधुनिक चिकित्सा, नर्सिंग, फार्मेसी और कृषि के विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें अलग-अलग स्ट्रीम के तौर पर देखा जाता है, लेकिन इनके बीच एक आंतरिक कनेक्शन है, जो सभी को एक-दूसरे से जोड़ता है.

गोरखपुर की संभावनाएं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर को उत्तर प्रदेश की संभावनाओं का द्वार बताया. उन्होंने कहा कि गोरखपुर की पहचान केवल ऐतिहासिक और धार्मिक परंपरा वाले शहर के रूप में नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि गोरखपुर को शिक्षा, हेल्थकेयर, कृषि और इनोवेशन के बड़े क्षेत्रीय ज्ञान एवं आर्थिक हब के रूप में विकसित किया जा सकता है. इस बदलाव में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संस्थान के कर्मचारियों और शिक्षकों को सम्मानित भी किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के छात्र और अधिकारी मौजूद रहे.