मनेंद्र पटेल, दुर्ग। जिला अस्पताल दुर्ग में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां इलाज के दौरान ब्लड नहीं मिलने से सिकलसेल से पीड़ित युवती की मौत हो गई थी। अब इस मामले में राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने एवं मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के युवाओं ने भी सिविल सर्जन के केबिन में पहुंचकर जमकर नारेबाजी की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

एबीवीपी के पदाधिकारियों ने अपर कलेक्टर योगिता देवांगन और सीएमएचओ मानोज दानी की उपस्थिति में सिविल सर्जन अशीशन मिंज से इस्तीफे की मांग की। वहीं एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने शिकायत पत्र देकर कहा है कि जल्द जांच रिपोर्ट के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे आने वाले समय में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन करने मजबूर होंगे।

कलेक्टर ने बनाई है जांच कमेटी

इस मामले पर राजनीति गरमाने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर जांच कमेटी बनाई गई है। अपर कलेक्टर योगिता देवांगन और सीएमएचओ दुर्ग मनोज दानी इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर आगे की कार्रवाई करेंगे।

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परिजन का आरोप – ब्लड डिपार्टमेंट ने ब्लड देने से किया इंकार

पूरी घटना एक जून की है, जहां दीपिका के परिजनों ने उन्हें सिकलसेल बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने युवती को ब्लड चढ़ाने की बात की और उन्हें डोनर की तलाश करने कहा, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिजन डोनर की तलाश नहीं कर पाए। वहीं ब्लड उपलब्ध नहीं होने के कारण दीपिका की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार अस्पताल के डॉक्टरों ने ब्लड चढ़ाने की बात कही, लेकिन ब्लड डिपार्टमेंट ने ब्लड देने से मना कर दिया। जिला अस्प्ताल में ब्लड उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण दीपिका की मौत हो गई।

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