पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को यह घोषणा की है कि  बंगाल में अगले एक साल के भीतर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शिक्षा शाखा ‘विद्या भारती’ के जरिए कम से कम 1,000 नए स्कूल खोले जाएंगे और  मदरसा शिक्षा के लिए कोई अलग प्रशासन नहीं होगा. मुख्यमंत्री ने खास तौर पर मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में स्कूलों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया.

CM शुभेंदु ने सख्त लहजे में कहा कि प्रदेश के जिन स्कूलों में वंदे मातरम को पूरा नहीं गाया जाएगा, उसकी सरकारी वित्तीय मदद और समर्थन बंद कर दिया जाएगा.

कोलकाता में रामकृष्ण मिशन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कल्चर में विद्या भारती की 74वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरुवार को CM शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नए स्कूल हर जिले, नगरपालिका और पंचायत में खोले जाएंगे.

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की कि एक साल में 1000 आरएसएस-संबद्ध स्कूल खोले जाएंगे. फिलहाल बंगाल में विद्या भारती के 313 स्कूल चल रहे हैं. जबकि पूरे देश में विद्या भारती के 12,000 से ज्यादा स्कूल और 10,000 बाल संस्कार केंद्र संचालित हैं. उन्होंने विशेष रूप से संगठन से मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना में अपनी मौजूदगी बढ़ाने का आग्रह किया.

CM शुभेंदु ने एक बड़े प्रशासनिक बदलाव का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि राज्य के चार शिक्षा विभागों- स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और अल्पसंख्यक/मदरसा शिक्षा- को मिलाकर एक ही विभाग बना दिया जाए.

वहीं, पश्चिम बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी ने सभी स्कूलों—सरकारी, सहायता प्राप्त, प्राइवेट और मदरसों को चेतावनी दी कि अगर सुबह की प्रार्थना के दौरान छात्र वंदे मातरम का पूरा संस्करण नहीं गाते हैं, तो उन्हें मिलने वाली सरकारी सहायता और अन्य मदद बंद कर दी जाएगी.

उन्होंने ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में राज्य की शिक्षा व्यवस्था को विनाश के कगार पर पहुंचा दिया गया. तृणमूल शासन के पिछले दशक में अपनाई गई शिक्षा नीति कुछ और समय तक जारी रहती तो हमारे मूल्य, विरासत, परंपरा, देशभक्ति और राष्ट्रवाद हमेशा के लिए खत्म होने के कगार पर पहुंच जाते. साथ ही उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि नई व्यवस्था के तहत मदरसा शिक्षा का कोई अलग प्रशासनिक ढांचा नहीं होगा.

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