ODISHA DESK, भुवनेश्वर: भारत की अध्यक्षता में ओडिशा के पवित्र शहर पुरी में आयोजित तीन दिवसीय ‘ब्रिक्स आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्य समूह’ की दूसरी बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के सफल समापन के बाद, शनिवार (6 जून) को भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और ओडिशा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (OSDMA) द्वारा एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी, NDMA के सदस्य कृष्ण स्वरूप वत्स व डॉ. दिनेश कुमार असवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरबिंद कुमार पाढ़ी, विशेष राहत आयुक्त (SRC) राजेश प्रभाकर पाटिल और OSDMA के कार्यकारी निदेशक डॉ. कमल लोचन मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बैठक के निष्कर्षों और भविष्य की रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।
“लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण” की थीम पर आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत, चीन, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए गहन चर्चा की।
आपदा तैयारियों और उसके कुशल प्रबंधन के क्षेत्र में ओडिशा की वैश्विक स्तर की उपलब्धियों को देखते हुए ही इस बार राज्य को इस प्रतिष्ठित बैठक की मेजबानी के लिए चुना गया था। बैठक के दौरान ओडिशा की उन्नत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली , चक्रवात आश्रय स्थलों का प्रबंधन, सफल निकासी योजना और समुदाय-आधारित तैयारियों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बड़े से बड़े चक्रवातों के दौरान ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विदेशी प्रतिनिधियों ने ओडिशा मॉडल की जमकर सराहना की।
सम्मेलन के हिस्से के रूप में, पुरी के रामचंडी मुहाने पर ओडिशा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (ODRAF) द्वारा एक लाइव वॉटर रेस्क्यू प्रदर्शन (जलीय बचाव अभियान) किया गया। इसने आपातकालीन स्थितियों में राज्य की तैयारियों और अत्याधुनिक उपकरणों की कार्यक्षमता को साबित किया। तकनीकी सत्रों के अलावा, प्रतिनिधियों ने विश्व प्रसिद्ध कोणार्क सूर्य मंदिर का दौरा किया। विदेशी मेहमानों के लिए ओडिसी, छऊ, जात्रा और जनजातीय नृत्यों जैसे पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसका उन्होंने भरपूर आनंद लिया।
अधिकारियों ने बताया कि इस ब्रिक्स बैठक के सफल आयोजन ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में ओडिशा की अंतरराष्ट्रीय साख को और मजबूत किया है। इस बैठक के परिणाम ‘विकसित ओडिशा 2036’ के दृष्टिकोण से पूरी तरह मेल खाते हैं, जिसका उद्देश्य राज्य में आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे का विकास करना, ओड्राफ (ODRAF) बल का आधुनिकीकरण करना और हर प्राकृतिक आपदा में शून्य जीवन हानि के रिकॉर्ड को बनाए रखना है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

