सतीश सिंह, लखनऊ. उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने रविवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निदेशक को पत्र लिखकर गुजरात से जुड़ी पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों (Registered Unrecognized Political Party) को मिले सैकड़ों करोड़ रुपये के संदिग्ध धन के वास्तविक स्रोत और अंतिम लाभार्थियों की जांच की मांग की है. साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में ऐसी मुखौटा पार्टियों के संभावित इस्तेमाल को रोकने के लिए वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक जांच और कार्रवाई किए जाने की भी अपील की है.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने अपने पत्र में एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि गुजरात से जुड़ी 6 आरयूपीपी (RUPP) को वर्ष 2023-24 में लगभग 1,700 करोड़ रुपये का चंदा मिला, जबकि लोकसभा चुनाव में इन दलों ने केवल 15 उम्मीदवार उतारे. चार दलों के कार्यालय अहमदाबाद के एक ही क्षेत्र में हैं और शेष दो भी गुजरात में स्थित हैं. आम जनमत पार्टी को अकेले लगभग 620 करोड़, सत्यवादी रक्षक पार्टी को करीब 330 करोड़, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी को लगभग 219 करोड़, न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी को करीब 200 करोड़, गरीब कल्याण पार्टी को लगभग 138 करोड़ और भारतीय नेशनल जनता दल को करीब 191 करोड़ रुपये मिले.

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अजय राय ने कहा कि यह तथ्य इसलिए गंभीर है क्योंकि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की पूर्व कार्रवाई में कुछ आरयूपीपी के माध्यम से बोगस चंदे, हवाला, संदिग्ध धन आवागमन और अन्य वित्तीय अनियमितताओं की जानकारी सामने आ चुकी है. इसलिए इन छह दलों के धन के वास्तविक स्रोत और अंतिम लाभार्थियों की जांच आवश्यक है. अजय राय ने पत्र में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) 2002 की धारा 2(1)(यू), 2(1)(वाई), 3, 5, 17 एवं 18 के संदर्भ में जांच की मांग करते हुए कई सवाल उठाए हैं. इनमें धन का वास्तविक स्रोत और मूल दाता, दलों के वास्तविक नियंत्रक या लाभार्थी स्वामी आदि शामिल है.

वित्तीय नेटवर्क की जांच जरूरी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सुझाव दिया है कि आयकर विभाग के साथ सूचनाओं का समन्वय कर बैंक खातों, कर-रिटर्न, ऑडिट रिपोर्ट, चंदे की रिपोर्ट और संदिग्ध लेन-देन का मनी ट्रेल स्थापित किया जाए. उन्होंने लिखा है कि उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को देखते हुए यह भी जांचा जाना चाहिए कि क्या इसी प्रकार के संगठन या वित्तीय नेटवर्क चुनावी धन के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं.