लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती-2018 में ओबीसी अभ्यर्थियों को पासिंग मार्क्स में 5 प्रतिशत की छूट देने की सिफारिश एक बार फिर सरकार को भेजी है। आयोग ने कहा है कि ओबीसी अभ्यर्थियों को यह छूट न देना संविधान में मिले समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
150 में 60 अंक पर उत्तीर्ण माना जाना चाहिए
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, भर्ती परीक्षा में सामान्य और ओबीसी वर्ग के लिए 45 प्रतिशत (150 में 67 अंक) तथा एससी-एसटी वर्ग के लिए 40 प्रतिशत (150 में 60 अंक) उत्तीर्णांक तय किया गया था। आयोग का कहना है कि ओबीसी अभ्यर्थियों को भी 40 प्रतिशत यानी 150 में 60 अंक पर उत्तीर्ण माना जाना चाहिए।
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सरकार की ओर से कोई कानूनी आधार नहीं बताया
आयोग ने कहा कि गया, जिससे ओबीसी अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत की छूट देने पर रोक साबित होती हो। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 2019 और 2021 की शिक्षक भर्तियों में ओबीसी अभ्यर्थियों को यह छूट दी गई थी, इसलिए केवल 2018 की भर्ती में उन्हें इससे वंचित रखना उचित नहीं है।
आयोग ने सरकार से 68,500 शिक्षक भर्ती-2018 का परिणाम संशोधित कर 60 अंक पाने वाले ओबीसी अभ्यर्थियों को सफल घोषित करने और उनकी सूची जल्द जारी करने की सिफारिश की है।
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साथ ही आयोग ने यह भी कहा है कि वर्ष 2022 में दी गई अपनी पहली संस्तुति पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस मामले की पैरवी कर रहे अभ्यर्थी तूफ़ान सिंह ने आयोग के फैसले का स्वागत करते हुए सरकार से जल्द संशोधित परिणाम जारी करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की।

