चंडीगढ़। हरियाणा में शुद्ध और मिलावट रहित खाना तय करने के लिए राज्य सरकार एक बहुत बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। त्योहारों और आम दिनों में खाद्य पदार्थों में होने वाली मिलावट को रोकने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग यानी एफडीए (FDA) ने एक खास मास्टर प्लान तैयार किया है। इस नई योजना के तहत पूरे हरियाणा में 8 नई खाद्य जांच प्रयोगशालाएं (Food Testing Lab) खोली जाएंगी। इसके साथ ही आधुनिक मशीनों से लैस चलती-फिरती मोबाइल लैब की शुरुआत भी की जाएगी। सबसे खास बात यह है कि अब कोई भी आम नागरिक मात्र 20 रुपये की मामूली फीस देकर अपने घर के दूध, घी, तेल या मसालों की शुद्धता की जांच मौके पर ही करवा सकेगा। इससे मिलावटखोरों पर सीधे लगाम कसी जा सकेगी।
केंद्र सरकार ने एनसीआर के लिए दिए 55 करोड़, इन जिलों में खुलेगी अत्याधुनिक लैब
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के मौके पर एफडीए के राज्य में एकमात्र नामित अधिकारी पृथ्वी सिंह ने इस बड़े प्रोजेक्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य की बढ़ती आबादी और खान-पान के बढ़ते व्यापार को देखते हुए जांच के पुराने सिस्टम को अपग्रेड करना बहुत जरूरी हो गया था। इस मुहिम को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल कैपिटल रीजन यानी एनसीआर (NCR) के तहत आने वाले जिलों के लिए 55 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है। इस बजट से फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक में बेहद आधुनिक और हाईटेक फूड टेस्टिंग लैब बनाई जा रही हैं, जिनका काम अंतिम चरण में है।
हिसार और जींद समेत इन पांच जिलों को भी मिली मंजूरी, जमीन की तलाश तेज
एनसीआर के तीन बड़े शहरों के अलावा केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हरियाणा के पांच अन्य प्रमुख जिलों में भी नई लैब खोलने जा रही हैं। इसके लिए नारनौल, हिसार, जींद, सिरसा और यमुनानगर के नामों को हरी झंडी मिल चुकी है। विभाग के अधिकारी इस वक्त इन जिलों में सरकारी जमीन की तलाश कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही जमीन फाइनल होगी, तुरंत बिल्डिंग का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। योजना के मुताबिक सबसे पहले हिसार में नई लैब का काम शुरू किया जाएगा। इन मोबाइल और परमानेंट लैब के शुरू होने से लोग दूध, घी, तेल, मसाले और मिठाइयों की ऑन-द-स्पॉट जांच करा सकेंगे, जिससे बाजार में बिकने वाले घटिया सामान पर रोक लगेगी।

