सुशीला देवी, गुरुग्राम। गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी कंपनियां बनाकर करीब 80 बैंक खाते खोले गए, जिन्हें 6% कमीशन पर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, मोबाइल और डिजिटल सिग्नेचर बरामद किए हैं।

गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 39 वर्षीय अजय कावटिया और 22 वर्षीय रजत ग्रोवर के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इनके कब्जे से 88 चेकबुक, 88 एटीएम कार्ड, 11 डिजिटल सिग्नेचर (डीएससी), 8 मोबाइल फोन, 7 रबर स्टैंप और 14 बैंक स्कैनर बरामद किए हैं।

बना रखी थी 4 फर्जी कंपनियां
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अजय कावटिया ने रजत समेत अन्य लोगों के नाम पर चार फर्जी कंपनियां बनाईं और उनके जरिए करीब 80 बैंक खाते खुलवाए। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था। आरोपी इसके बदले ठगी गई रकम का 6 प्रतिशत कमीशन वसूलता था, जबकि कुछ हिस्सा खाताधारकों को भी दिया जाता था।

पूछताछ में रजत ग्रोवर ने स्वीकार किया कि उसने अपना बैंक खाता कमीशन के बदले अजय को सौंप दिया था, जिसमें साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर होती थी। पुलिस के अनुसार, बरामद बैंक खातों से जुड़े मामलों में अब तक 250 साइबर शिकायतें सामने आ चुकी हैं।

पुलिस इससे जुड़े नेटवर्क की कर रही जाँच

सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) गौरव फोगाट के निर्देशन में थाना साइबर अपराध (पूर्व) की टीम ने दोनों आरोपियों को सेक्टर-65 क्षेत्र से गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, फर्जी कंपनियों के नेटवर्क और साइबर ठगी के पूरे वित्तीय तंत्र की जांच में जुटी है।