राजधानी दिल्ली में DTC और क्लस्टर बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त यात्रा सुविधा देने के लिए शुरू किए गए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ (Pink Saheli Smart Card) को तेजी से अपनाया जा रहा है। अब तक करीब 8 लाख महिलाएं यह कार्ड बनवा चुकी हैं, जिससे योजना के लाभार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह स्मार्ट कार्ड (Smart Card) महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए बस यात्रा को आसान और डिजिटल (Digital) बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। कार्ड के जरिए DTC और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार (Delhi Government) जुलाई से मौजूदा ‘पिंक टिकट’ (Pink Ticket) व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ प्रणाली लागू कर सकती है। हालांकि, तब तक महिलाएं बसों में पिंक टिकट के जरिए यात्रा जारी रख सकेंगी।

कार्ड बनाने के लिए विशेष कैंप

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए रिहायशी इलाकों और सरकारी दफ्तरों में विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इस योजना से जुड़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार हर बेटी और महिला की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ केवल मुफ्त यात्रा का पास नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को एक डिजिटल पहचान और सम्मानजनक सफर का अनुभव देने वाला सशक्त माध्यम भी है। जब परिवहन व्यवस्था सुलभ और सुरक्षित होती है, तो महिलाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और प्रगति के अवसर अपने आप बढ़ जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस पहल से महिलाएं अधिक आत्मनिर्भर महसूस कर रही हैं, जो ‘विकसित दिल्ली’ की दिशा में एक अहम कदम है।

58 सेंटरों पर कार्ड मुफ्त बनाए जा रहे

‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ योजना के तहत दिल्ली सरकार दिल्ली परिवहन निगम (DTC) और क्लस्टर बसों में महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा प्रदान कर रही है। इस योजना का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और डिजिटल बनाना है। योजना के तहत 12 साल से अधिक उम्र की लड़कियां और पात्र महिलाएं इस कार्ड के लिए आवेदन कर सकती हैं। दिल्ली में DTC द्वारा स्थापित 58 नामित काउंटरों से यह ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ नि:शुल्क प्राप्त किया जा सकता है। कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है। इन दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की जाती है और उसके बाद स्मार्ट कार्ड जारी किया जाता है।

‘पिंक सहेली कार्ड’ योजना 2 मार्च को हुई थी शुरू

दिल्ली सरकार ने बीते 2 मार्च को ‘पिंक सहेली कार्ड’ पहल की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत पहले से लागू ‘पिंक पेपर टिकट प्रणाली’ को धीरे-धीरे ‘पिंक NCMCकार्ड’ से बदला जा रहा है। यह बदलाव केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन कार्ड’ मुहिम के अनुरूप किया गया है। नई व्यवस्था के बाद अब केवल दिल्ली की निवासी महिलाएं ही DTV और क्लस्टर बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ उठा सकेंगी। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक डिजिटल और एकीकृत बनाना है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस कार्ड से महिलाओं को DTC बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही वे एक ही स्मार्ट कार्ड के जरिए Metro, नमो भारत ट्रेन और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भी सफर कर सकेंगी। हालांकि इन सेवाओं के लिए कार्ड को रिचार्ज करना आवश्यक होगा। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से यात्रियों को अलग-अलग टिकट या कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी और एकीकृत सिस्टम के जरिए यात्रा अनुभव अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।

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