Congress Shared Claiming 9 Suicide After NEET-UG Paper Leak: नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर देशभर में अभी भी बवाल जारी है। पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार फिर छात्र दोबारा से परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। नीट-यूजी री-एग्जाम (NEET-UG 2026 Re-Exam) 21 जून को होगी। इसी बीच कांग्रेस ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर कर बताया है कि नीट पेपर लीक की वजह से अब तक 9 उम्मीदवार आत्महत्या कर चुके हैं। साथ ही इस स्थिति के लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस ने सशल मीडिया एक्स पर पोस्ट लिखा- अलवर की रेणु मीणा, देहरादून की रिया कुमारी थापा देश की ये बेटियां डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन NEET पेपर लीक और री-नीट के मानसिक दबाव के कारण इन्होंने खुदकुशी कर ली।
• अलवर की रेणु मीणा • देहरादून की रिया कुमारी थापा
देश की ये बेटियां डॉक्टर बनना चाहती थीं, लेकिन NEET पेपर लीक और री-नीट के मानसिक दबाव के कारण इन्होंने खुदकुशी कर ली।
बता दें कि मोदी सरकार का हत्यारा पेपर लीक अब तक 9 घरों के चिराग बुझा चुका है 👇
मोदी सरकार का हत्यारा पेपर लीक अब तक 9 घरों के चिराग बुझा चुका है
1. प्रदीप मेघवाल- राजस्थान
2. अंशिका पांडे- दिल्ली
3. ऋतिक मिश्रा- उत्तर प्रदेश
4. सिद्धार्थ हेगड़े- गोवा
5. भाग्यश्री- कर्नाटक
6. आकांक्षा चतुर्वेदी- मध्य प्रदेश
7. उमेश माली- राजस्थान
8. रेणु मीणा- राजस्थान
9. रिया कुमारी थापा- उत्तराखंड
कांग्रेस ने आगे लिखा- ये खुदकुशी नहीं- ‘मर्डर’ है, जिसे नरेंद्र मोदी, धर्मेंद्र प्रधान और उनकी निकम्मी सरकार ने अंजाम दिया है। मोदी सरकार अपने फायदे के लिए मासूमों की जान से खेल रही है, उनके सपने रौंद रही है, परिवारों को तबाह कर रही है। ये अक्षम्य पाप है- जिसकी कोई माफी नहीं है। धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने रहने के लायक नहीं हैं, उन्हें तुरंत पद से इस्तीफा देना होगा।
वहीं कांग्रेस सांसद और राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- दिल में दो नाम गूंज रहे हैं: उमेश और रिया। कल, सीकर में उमेश और देहरादून में रिया – दोनों ने Re-NEET के दबाव में अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली। 22 और 23 साल के बच्चे – जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए। ये मौतें एक टूटी, भ्रष्ट व्यवस्था की देन हैं। और इसके ज़िम्मेदार हैं मोदी सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिन्होंने छात्रों की रक्षा करने के बजाय, बार-बार पेपर लीक, परीक्षा कुप्रबंधन, और भविष्य के सदागरों को संरक्षण दिया। आज कोटा से हम वो लड़ाई शुरू करेंगे जिसका एक ही मक़सद है – किसी बच्चे के सपने ऐसे टूटने न पाएं, किसी माँ-बाप को फिर कभी अपने बच्चे को इस तरह खोना न पड़े। हर परिवार की यह पीड़ा अब ‘छात्रों की गूंज’ बनकर पूरे देश में गूंजेगी।
कोटा के लिए निकल चुका हूँ पर दिल में दो नाम गूंज रहे हैं: उमेश और रिया।
कल, सीकर में उमेश और देहरादून में रिया – दोनों ने Re-NEET के दबाव में अपनी ज़िंदगी ख़त्म कर ली।
22 और 23 साल के बच्चे – जिन्हें सपनों के खुले आसमान में उड़ना था वो इस अन्यायी व्यवस्था से हार गए।
बता दें कि NEET देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा मानी जाती है। हर साल डॉक्टर बनने के लिए लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं। इस साल करीब 23 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था। उन्हें उम्मीद थी कि उनके अच्छे नंबर आएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से इन छात्रों को गहरा धक्का लगा। पूरी मेहनत बरबाद होने के कारण कई छात्र मानसिक दबाव में आ गए। इसके कारण कई छात्रों ने अपनी जीवनलीला खत्म कर ली।
बता दें कि पेपर लीक के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था। अब NEET-UG 2026 री-एग्जाम 21 जून को होगा। इससे 5 दिन पहले केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थाई रोक लगा दी है। पेपर लीक से हो रही किरकिरी को देखते हुए केंद्र ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। जिसमें इंडियन एयर फोर्स के जरिए प्रश्न पत्रों को ले जाना और दोबारा परीक्षा सुरक्षित रूप से आयोजित करने में स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवानों की तैनाती शामिल है। एनटीए ने उम्मीदवारों के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने और उत्तर पुस्तिकाओं में रफ काम के लिए ज्यादा जगह देने की भी घोषणा की है।