Technology Desk: Airtel ने SpaceX के Starlink के साथ मिलकर सैटेलाइट-टू-मोबाइल कनेक्टिविटी सर्विस शुरू की है। इस सर्विस की मदद से ऐसे इलाकों में भी मोबाइल से जरूरी कम्युनिकेशन किया जा सकेगा, जहां सामान्य मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। फिलहाल यह सुविधा Airtel Africa के कुछ चुनिंदा ग्राहकों के लिए अफ्रीका में शुरू की गई है।
एलिजिबल ग्राहकों को इस सर्विस का 30 दिनों का फ्री ट्रायल मिलेगा। इसके लिए ग्राहक MyAirtel ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। शुरुआत में सर्विस के तहत कम डेटा वाली सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
WhatsApp और SMS का कर सकेंगे इस्तेमाल
30 दिन के ट्रायल के दौरान एलिजिबल यूजर्स WhatsApp मैसेजिंग और SMS का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा सामान्य मोबाइल इंटरनेट की तरह तेज डेटा सर्विस नहीं होगी।
Airtel ने फिलहाल इसे जरूरी कम्युनिकेशन और कम डेटा वाले कामों के लिए तैयार किया है। कंपनी ने इस ऑफर के तहत सामान्य वॉयस कॉलिंग या पूरी मोबाइल ब्रॉडबैंड सेवा उपलब्ध कराने की घोषणा नहीं की है।
सीधे Starlink सैटेलाइट से कनेक्ट होगा फोन
इस सर्विस की सबसे खास बात यह है कि यूजर को कनेक्शन के लिए Starlink डिश, सैटेलाइट फोन या किसी अलग डिवाइस की जरूरत नहीं होगी। सपोर्टेड स्मार्टफोन सीधे Starlink सैटेलाइट से कनेक्ट हो सकेगा।
हालांकि, इसके लिए फोन के ऊपर आसमान का साफ होना जरूरी है। अगर यूजर किसी इमारत के अंदर है या सैटेलाइट और फोन के बीच कोई बड़ी रुकावट है, तो कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है।
चुनिंदा Android फोन पर उपलब्ध
फिलहाल यह सुविधा कुछ चुनिंदा Android स्मार्टफोन पर ही उपलब्ध है। Airtel Africa के एलिजिबल ग्राहक MyAirtel ऐप के जरिए फ्री ट्रायल के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। इसके लिए कंपनी की ओर से तय नियम और शर्तें लागू होंगी।
Airtel Africa के मुताबिक, जिन क्षेत्रों में सामान्य मोबाइल नेटवर्क कवरेज नहीं है, वहां साफ आसमान मिलने पर ग्राहक जरूरी कम्युनिकेशन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। कंपनी ने DRC यानी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में इसे अफ्रीका की पहली सैटेलाइट-टू-मोबाइल सर्विस बताया है।
मोबाइल टावर के बिना बढ़ सकती है नेटवर्क पहुंच
सैटेलाइट-टू-मोबाइल तकनीक का सबसे बड़ा फायदा दूरदराज के इलाकों में हो सकता है। कम आबादी वाले या मुश्किल भौगोलिक क्षेत्रों में मोबाइल टावर और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना काफी महंगा और चुनौतीपूर्ण होता है।
ऐसे इलाकों में सैटेलाइट सीधे स्मार्टफोन से कनेक्ट होकर मोबाइल नेटवर्क की पहुंच बढ़ाने में मदद कर सकता है। इससे किसानों, स्वास्थ्यकर्मियों, राहत और मानवीय संगठनों के साथ-साथ खनन, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को फायदा मिल सकता है।
मौजूदा मोबाइल नेटवर्क का विकल्प नहीं
Airtel की यह सर्विस फिलहाल सामान्य मोबाइल नेटवर्क को पूरी तरह बदलने के बजाय नेटवर्क कवरेज से बाहर के इलाकों में बैकअप कनेक्टिविटी देने पर केंद्रित है। यानी जहां मोबाइल टावर का सिग्नल नहीं पहुंचता, वहां सपोर्टेड फोन सैटेलाइट के जरिए जरूरी मैसेजिंग सेवाओं से जुड़ सकता है।
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