Bihar Politics: चुनाव आयोग में कथित असहमति वाली रिपोर्ट आने के बाद से विपक्ष लगातार चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं। बीते बुधवार (7, अक्टूबर) को विपक्षी दल इंडिया गठबंधन के सभी सांसदों ने संसद भवन से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च किया था। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। मार्च के दौरान राहुल गांधी समेत कई नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि कुछ देर बाद सभी को छोड़ दिया गया। विपक्ष के प्रदर्शन पर बिहार सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता दिलीप कुमार जायसवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है।

‘भारत को तहस-नहस करने का प्रयास’

विपक्ष के प्रदर्शन पर मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि, पूरा देश देख रहा है कि विदेशी ताकत के इशारे पर भारत को तहस-नहस करने और अस्थिर करने का प्रयास चल रहा है। उन्होंने कहा कि, इसके लिए फंडिंग विदेश से हो रही है। क्योंकि उसको लगता है कि भारत के 140 करोड़ लोग खुशहाल क्यों हैं। दुनिया लड़ रही है और वहीं पर भारत चैन की बंसी बजा रहा है। यह अमेरिका को, चीन को पसंद नहीं है। जायसवाल ने कहा कि, बहुत बड़ी फंडिंग करके इस देश को अस्थिर करने का प्रयास किया जा रहा है और सत्ता के बेचैन लोग उसके शिकार हो रहे हैं।

राहुल गांधी को दी यह सलाह

दिलीप कुमार जायसवाल ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सलाह देते हुए कहा कि, उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी करनी चाहिए। आपको (राहुल गांधी) जनता के बीच सेवा जाकर करनी चाहिए। बाढ़ आई है, बाढ़ पीड़ितों के बीच जाना चाहिए। ये सब काम नहीं करके, अब तो मीडिया वाले इतना अच्छा कर दिए हैं कि किसी नेता को जनता के पास जाने की जरूरत नहीं है। मीडिया से ही काम चल जाता है, मीडिया से ही राजनीति चमक जाती है।

‘सत्ता के लिए बेचैन हैं राहुल गांधी’

दिलीप कुमार जायसवाल ने आगे कहा कि, मैं बार-बार बोल रहा हूं कि राहुल गांधी सत्ता के लिए बेचैन है। लोकतंत्र में सभी चीजों के लिए व्यवस्था बना हुआ है और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2029 तक लोकसभा चुनाव मतदाता के मताधिकार से सरकार चल रही है। लेकिन राहुल गांधी सत्ता के लिए इतने बैचेन हो गए हैं कि 2029 में जनता के मताधिकार का इंतजार न करके सड़कों पर नौटंकी कर रहे हैं।

केवल कोसने से कुछ हासिल नहीं होगा- राजवी रंजन

वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने विपक्ष के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि, वो अपनी बात कहेंगे, लेकिन भारतीय निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है। निर्वाचन आयोग के क्षेत्राधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों अपनी सुनवाई के दौरान मुहर लगाई कि वो SIR करने के लिए सक्षम है और एक संवैधानिक संस्था के तौर पर उनकी जो सर्वोच्चता है, उस पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुहर लगाई।

इसलिए मुझे नहीं लगता है कि जनादेश केवल चुनाव आयोग को गालियां देने से आपको मिलेगा, लोगों के बीच काम करना होगा, जन अपेक्षाओं की कसौटी पर विपक्ष को खरा उतरना होगा और ये जब तक नहीं करेंगे, तो केवल चुनाव आयोग को कोसने से कुछ भी हासिल नहीं होगा।

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