लखनऊ. कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में हुई रैली के बाद कथित तौर पर मंच के शुद्धिकरण की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने इसे दलित समाज का घोर अपमान बताते हुए कहा कि यह घटना केवल खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक दलित और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान पर प्रहार है.
अजय राय ने कहा कि रैली स्थल के मंच का कथित शुद्धिकरण किए जाने से भाजपा की दलित विरोधी और संकीर्ण मानसिकता उजागर हुई है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से भाजपा और आरएसएस पर दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण मानसिकता रखने का आरोप लगाती रही है और हल्द्वानी की घटना ने उनके अनुसार इन आरोपों को और पुष्ट किया है.
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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मंच के शुद्धिकरण की जरूरत नहीं, बल्कि भाजपा और आरएसएस की जातिवादी सोच के शुद्धिकरण की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने जीवनभर भेदभाव और छुआछूत के खिलाफ संघर्ष किया और संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं. ऐसे में किसी वर्ग के प्रति भेदभाव संविधान की भावना के खिलाफ है.
अजय राय ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से बाबा साहब की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करते हैं और दलित हितैषी होने का दावा करते हैं. वहीं दूसरी ओर उनके दल से जुड़े लोगों पर दलित समाज के अपमान का आरोप लग रहा है. उन्होंने कहा कि यह विरोधाभास देश के सामने है.
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उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को मंदिर के शिलान्यास और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मंदिर के उद्घाटन में आमंत्रित नहीं किया गया था. अजय राय ने कहा कि कांग्रेस ने उस समय भी इसे दलित और आदिवासी समाज के अपमान के रूप में उठाया था.
अजय राय ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर हैं और उनके रैली स्थल के मंच के कथित शुद्धिकरण की घटना से दलित समाज में आक्रोश है. उन्होंने प्रधानमंत्री से इस घटना के लिए देश से माफी मांगने की मांग की. उन्होंने कहा कि सामाजिक बराबरी, सम्मान और संविधान की रक्षा के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रहेगी.


