Technology Desk : मैसेजिंग ऐप Telegram अब सिर्फ चैट, ग्रुप और चैनल तक सीमित रहने की तैयारी में नहीं है। कंपनी अपने प्लेटफॉर्म को डिजिटल पब्लिशिंग और वेबसाइट बनाने की दिशा में ले जाने की योजना बना रही है। Telegram के फाउंडर और CEO पावेल दुरोव ने बताया है कि कंपनी ने .gram टॉप-लेवल डोमेन के लिए आवेदन किया है।

अगर इस आवेदन को मंजूरी मिलती है, तो भविष्य में Telegram यूजर्स को उनके Telegram यूजरनेम से जुड़ा एक पर्सनल वेब एड्रेस मिल सकता है। इसके साथ ही कंपनी एक ऐसे AI फीचर पर भी काम कर रही है, जिसकी मदद से यूजर केवल एक टेक्स्ट प्रॉम्प्ट देकर अपनी वेबसाइट तैयार कर सकेगा।
यूजरनेम से बन सकता है वेबसाइट का एड्रेस
Telegram पर अभी हर यूजर के पास एक यूजरनेम होता है। कंपनी के प्रस्तावित .gram डोमेन के बाद यही यूजरनेम वेबसाइट के एड्रेस में बदल सकता है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी यूजर का Telegram यूजरनेम Anil है, तो भविष्य में उसका संभावित वेब एड्रेस anil.gram हो सकता है। इसका मतलब यह होगा कि Telegram यूजर को वेबसाइट बनाने के लिए अलग से डोमेन खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उसका Telegram अकाउंट और वेब एड्रेस आपस में जुड़े रहेंगे।
AI की मदद से तैयार होगी पूरी वेबसाइट
Telegram सिर्फ नया डोमेन लाने तक सीमित नहीं रहना चाहता। कंपनी AI आधारित वेबसाइट बिल्डिंग फीचर पर भी काम कर रही है। इस फीचर में यूजर को वेबसाइट बनाने के लिए कोडिंग सीखने या वेब डेवलपमेंट की जानकारी रखने की जरूरत नहीं होगी। यूजर सामान्य भाषा में AI को बता सकेगा कि उसे किस तरह की वेबसाइट चाहिए।
उदाहरण के लिए, कोई यूजर AI को लिख सकता है कि उसे अपने बिजनेस के लिए एक वेबसाइट चाहिए, जिसमें होम पेज, प्रोडक्ट की जानकारी, फोटो और कॉन्टैक्ट सेक्शन हो। AI उस निर्देश के आधार पर वेबसाइट तैयार करने में मदद करेगा। Telegram की योजना में वेबसाइट की होस्टिंग और सिक्योरिटी को भी अपने प्लेटफॉर्म के जरिए संभालना शामिल है।
.gram डोमेन .com और .in से कैसे अलग होगा?
सामान्य तौर पर जब कोई व्यक्ति .com या .in जैसे डोमेन को रजिस्टर करता है, तो उसके पास उस डोमेन को मैनेज करने और कुछ मामलों में दूसरे रजिस्ट्रार पर ट्रांसफर करने का विकल्प होता है।
- Telegram का .gram डोमेन इससे अलग होगा।
- .gram डोमेन Telegram के कंट्रोल में रहेगा।
- यूजर का वेब एड्रेस उसके Telegram अकाउंट से जुड़ा रहेगा।
- इसे किसी दूसरे डोमेन रजिस्ट्रार के पास ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा।
- यूजरनेम के आधार पर पर्सनल वेब एड्रेस मिलने की संभावना होगी।
- यानी .gram को Telegram के पूरे डिजिटल इकोसिस्टम का हिस्सा बनाने की योजना है।
Telegram ने क्यों लिया यह कदम?
Telegram के मौजूदा लिंक सिस्टम t.me को हाल में एक बड़ी तकनीकी परेशानी का सामना करना पड़ा था। एक बैन के कारण t.me लिंक करीब 19 घंटे तक काम नहीं कर पाए थे। इस घटना के बाद कंपनी ने अपने डोमेन इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने की दिशा में काम तेज किया। नए .gram डोमेन की योजना को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। कंपनी अपने महत्वपूर्ण वेब एड्रेस और सेवाओं पर किसी बाहरी सिस्टम की वजह से आने वाली रुकावट को कम करना चाहती है।
ICANN को दिया गया है आवेदन
इंटरनेट पर डोमेन और टॉप-लेवल डोमेन से जुड़ी प्रक्रिया को ICANN देखता है। Telegram ने प्रस्तावित .gram डोमेन के लिए ICANN के सामने आवेदन किया है। ICANN अक्टूबर के अंत तक इस प्रक्रिया के तहत आए आवेदनों की सूची जारी करेगा। इसके बाद आवेदन की समीक्षा और आगे की प्रक्रिया होगी।
अगर Telegram के आवेदन को मंजूरी मिलती है, तो .gram डोमेन को पूरी तरह लॉन्च करने में भी समय लगेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पूरी प्रक्रिया में करीब 12 से 18 महीने लग सकते हैं। ऐसे में यूजर्स को यह सुविधा 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत के आसपास मिल सकती है।
1 अरब से ज्यादा यूजर्स पर पड़ेगा असर
Telegram के 1 अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। ऐसे में .gram डोमेन और AI वेबसाइट बिल्डर को बड़े स्तर पर लागू किया जाता है, तो बड़ी संख्या में यूजर्स को मैसेजिंग ऐप के अंदर ही वेबसाइट बनाने का विकल्प मिल सकता है।
फिलहाल Telegram पर चैटिंग, ग्रुप, चैनल, बॉट्स और मिनी ऐप्स जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। .gram डोमेन और AI वेबसाइट फीचर जुड़ने के बाद कंपनी अपने प्लेटफॉर्म को मैसेजिंग से आगे ले जाकर एक बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने की दिशा में बढ़ सकती है।

