सत्यपाल सिंह राजपूत, रायपुर। तेलंगाना की कावेरी बीज कम्पनी के द्वारा छले गए किसान एवं मजदूर 20 फरवरी को रायपुर के धनेली स्थित कंपनी के प्रसंस्करण प्लांट का घेराव करेंगे. इसके लिए महासमुंद से सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ विशाल रैली निकालकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

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इस विषय पर प्रभावित किसानों ने महासमुंद में बैठक की, जिसमें जिला पंचायत सदस्य जागेश्वर जुगनू चंद्राकर, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, प्रभावित किसान कृष्ण कुमार चंद्राकर, रोशन चंद्राकर, महेन्द्र, बंजारे, प्रवीण चंद्राकर, भीखम चंद्राकर, पंकज चंद्राकर, केशवराम पाल आदि मौजूद थे.

किसानों ने बताया कि उनके साथ हुआ अन्याय अब बर्दाश्त के बाहर हो चुका है. वर्ष 2024–25 के रबी सीजन में तेलंगाना की कावेरी बीज कम्पनी ने किसानों की भूमि लीज (रेंग) पर लेकर बीज उत्पादन कराया गया, मजदूरों से कड़ी मेहनत कराई गई, मशीनरी का उपयोग कराया गया, लेकिन लीज राशि तो दूर आज तक मेहनताना का भुगतान नहीं किया गया है.

प्रभावित किसानों के बताए अनुसार, कुल बकाया मूल राशि 3,23,26,388 (तीन करोड़ तेइस लाख छब्बीस हजार तीन सौ अठ्यासी ) रुपए है. जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक 2% मासिक ब्याज जोड़ने पर 51,72,222 रुपए अतिरिक्त देय है. इस प्रकार कुल बकाया राशि 3,74,98,610 (तीन करोड़ चौहत्तर लाख अट्ठानवे हजार छह सौ दस) रुपए हो चुकी है.

किसानों ने कहा कि यह केवल आर्थिक मामला नहीं है, यह किसानों और मजदूरों की मेहनत, सम्मान और जीवन से जुड़ा प्रश्न है. भुगतान न मिलने के कारण कई परिवार कर्ज में डूब चुके हैं, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित है, और आजीविका संकट में है. शासन-प्रशासन से बार-बार निवेदन करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.