होली के अवसर पर राजधानी में शराब की दुकानों को खुले रखने के फैसले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में होली के दिन भी शराब की बिक्री जारी रखने के आदेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी नेताओं ने इसे सरकार का “विवादित और असंवेदनशील निर्णय” बताते हुए कहा कि होली जैसे सामाजिक और सांस्कृतिक पर्व पर इस तरह का आदेश कई सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
AAP नेताओं ने पूछा कि क्या प्रशासन ने संभावित सुरक्षा चुनौतियों का आकलन किया है और क्या इस निर्णय से सामाजिक माहौल प्रभावित नहीं होगा। पार्टी ने सरकार से आदेश पर पुनर्विचार की मांग भी की है। होली जैसे प्रमुख त्योहार पर जहां देश के कई राज्यों में शराब की बिक्री पर अस्थायी रोक लगाई जाती है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस बार ऐसा कोई प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है। दिल्ली सरकार के इसी आदेश के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। होली के दिन भी शराब की दुकानों को खुले रखने के फैसले का विरोध करते हुए आम आदमी पार्टी ने इसे त्योहार की भावना के खिलाफ बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि होली सामाजिक सौहार्द, आपसी भाईचारे और पारिवारिक मेल-मिलाप का पर्व है, ऐसे में शराब बिक्री की अनुमति देना उचित नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने लगाए आरोप
मनीष सिसोदिया, जो वर्तमान में पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री हैं, ने सोशल मीडिया मंच X पर पोस्ट कर इस निर्णय को “असली शराब घोटाले” की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर शराब की दुकानों को खुला रखना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है।
सिसोदिया ने आरोप लगाया कि इस फैसले से सरकार को करोड़ों रुपये कमाने की खुली छूट मिल जाएगी। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से सवाल किया कि क्या वे इस निर्णय पर कोई जांच या कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में शराब नीति के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और उस समय भारतीय जनता पार्टी ने नैतिकता की बात की थी। सिसोदिया का आरोप है कि अब अपनी सरकार में अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं।
सौरभ भारद्वाज का हमला
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार का आदेश साझा किया और इसे “दोहरा मापदंड” करार दिया। समाचार एजेंसी आईएएनएस के अनुसार, भारद्वाज ने कहा कि जो सरकार खुद को हिंदूवादी और सनातनी बताती है, वही होली जैसे प्रमुख त्योहार पर शराब बिक्री की अनुमति दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए थे, लेकिन अब वही मानक लागू नहीं किए जा रहे। भारद्वाज ने यह भी दावा किया कि छठ महापर्व और रविदास जयंती जैसे अवसरों पर भी शराब की दुकानें खुली रखी गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि त्योहारों के दौरान खुली बिक्री से कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
BJP की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी लगातार सरकार को घेर रही है, जबकि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब तक इस पूरे मामले पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर बहस तेज हो गई है। होली जैसे प्रमुख त्योहार से पहले उठे इस विवाद ने राजधानी की राजनीति को फिर से गर्म कर दिया है। एक ओर आम आदमी पार्टी इसे सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बता रही है, तो दूसरी ओर सरकार के संभावित तर्क प्रशासनिक प्रक्रिया और नियमों के पालन से जुड़े बताए जा रहे हैं।
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