इंडोनेशिया ने भारत के साथ एक बड़ा रक्षा समझौता किया है। सोमवार को उसके रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिराइट ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली खरीदने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। बताया जा रहा है कि जकार्ता ने नई दिल्ली के साथ 1,843 से लेकर 3,225 करोड़ रुपये (200-350 मिलियन डॉलर) तक का सौदा किया है, जो काफी समय से बातचीत के दौर में था।
इंडोनेशिया ने क्या बताया?
रॉयटर्स ने रिको के हवाले से बताया कि यह समझौता सैन्य उपकरणों, रक्षा क्षमताओं, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र में आधुनिकीकरण का हिस्सा है। हालांकि, उन्होंने समझौते की कुल राशि की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। अभी ब्रह्मोस और भारत के रक्षा मंत्रालय ने कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। जकार्ता फिलीपींस के बाद सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का दूसरा विदेशी खरीदार बना है। कंपनी ने 2022 में इंडोनेशिया के दक्षिण-पूर्वी एशियाई पड़ोसी फिलीपींस के साथ पहला समझौता किया था।
क्या है ब्रह्मोस की खासियत?
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों को भारत-रूस के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड बनाता है। इन्हें पनडुब्बियों, जहाजों, विमानों या जमीनी प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है। यह भारतीय सशस्त्र बलों के प्रमुख हथियारों में है, जिसे सेना, नौसेना और वायु सेना उपयोग करती है। पाकिस्तान के खिलाफ 4 दिन तक चले ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में पाकिस्तानी हवाई अड्डों, छावनियों और अन्य सैन्य बुनियादी ढांचे पर ब्रह्मोस से हमला किया गया था।
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