असम सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया है. अब इसका नाम बारपेटा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल करने का निर्णय लिया गया है. मंगलवार को असम कैबिनेट की बैठक में ये फैसला लिया गया है. बिस्वा सरमा ने कहा कि अधिकांश सरकारी मेडिकिल कॉलेजों का नाम उन शहरों के नाम पर रखा गया है, जहां वे स्थित हैं. अब कैबिनेट ने इसका नाम बदलकर बारपेटा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल करने का फैसला लिया है. असम कैबिनेट ने फेमस सिंगर और कल्चरल आइकन जुबीन गर्ग के सम्मान में भी एक बड़ा फैसला लिया है.

उन्होंने नाम बदलने के पीछे कारण भी बताया है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया है. कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी गई है.

सीएम हिमंत ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश सरकारी मेडिकिल कॉलेजों का नाम उन शहरों के नाम पर रखा गया है, जहां वे स्थित हैं. हम इसे गुवाहाटी, धुबरी, सिलचर, बोंगाईगांव, बिश्वनाथ और सोनितपुर के मेडिकल कॉलेजों में देखते हैं. इन शहरों में मौजूद सभी मेडिकल कॉलेजों का नाम उनके शहरों के नाम पर ही है.

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बरपेटा स्थित मेडिकल कॉलेज के नाम फखरुद्दीन अली अहमद मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रख दिया गया था, जो अलग लगता था. खासकर अन्य मेडिकल कॉलेजों के नाम के प्ररूप से मेल भी नहीं खाता था. लोग इसे निजी मेडिकल कॉलेज समझते थे. बस इसी भ्रम को दूर करने के लिए और असम कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने का फैसला किया. अब कैबिनेट ने इसका नाम बदलकर बारपेटा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल करने का फैसला लिया है.

असम कैबिनेट ने फेमस सिंगर और कल्चरल आइकन जुबीन गर्ग के सम्मान में भी एक बड़ा फैसला लिया है. सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जुबीन गर्म समाधि क्षेत्र के निर्माण के लिए सांस्कृतिक मामलों के विभाग को 10 बीघा जमीन देने की मंजूरी दी है.

असम सीएम ने कहा कि सरकार पूर्व राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद की प्रतिष्ठा का सम्मान करती है. सरकार जल्द ही उनके नाम पर किसी अन्य संस्थान का नाम रखेगी.

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