इंदर कुमार, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बोर्ड परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले शासकीय स्कूलों और उनके शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। मार्च में जारी हुए कक्षा 8वीं के परीक्षा परिणामों में 10% या उससे भी कम रिजल्ट देने वाले शिक्षकों का वेतन वार्षिक वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोक दिया गया है।
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नारायणपुर शाला में सिर्फ 9% रहा था रिजल्ट
उल्लेखनीय है कि कक्षा 8वीं के परिणामों में जबलपुर जिला पूरे प्रदेश के 5 सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हुआ था। जिले के 5 शासकीय स्कूलों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहने पर संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
वहीं नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने और लापरवाही उजागर होने पर विभाग ने शिक्षकों के इंक्रीमेंट रोकने की दंडात्मक कार्रवाई की है। नारायणपुर माध्यमिक शाला का परिणाम महज 9% ही दर्ज किया गया था।
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इन 5 स्कूलों के बिगड़े थे परिणाम
विभाग की गाज जिन शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों पर गिरी है, वे इस प्रकार हैं:
- शम्मो खान माध्यमिक स्कूल
- शासकीय माध्यमिक शाला अंधुआ
- शासकीय माध्यमिक शाला बढ़ियाखेड़ा
- उच्चतर माध्यमिक शाला गढ़ा
- शासकीय माध्यमिक शाला सिलपुरी
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