Rajasthan Weather: राजस्थान के कई जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम ने ऐसी करवट ली कि अन्नदाता के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। बीकानेर के नोखा समेत कई इलाकों में मेघगर्जन के साथ हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से तैयार खड़ी फसलें जमीन पर बिछ गई हैं।

नोखा में सबसे ज्यादा बारिश

बता दें कि पिछले 24 घंटों में प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। ग्राउंड सूत्रों के अनुसार, सबसे ज्यादा असर बीकानेर के नोखा में देखने को मिला है, जहाँ 25mm बारिश रिकॉर्ड हुई है। अतिवृष्टि के कारण खेतों में पानी भर गया है, जिससे रबी की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में भी 2 से 8 डिग्री तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।

अगले 48 घंटे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम केंद्र की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 21-22 मार्च को जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती इलाकों में एक और कमजोर विक्षोभ के कारण मेघगर्जन हो सकता है। हालांकि, अगले 4-5 दिनों तक अधिकांश भागों में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़त देखी जा सकती है।

सीएम भजनलाल का एक्शन, अन्नदाता के साथ खड़ी है सरकार

फसलों के नुकसान की खबरें मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा एक्शन मोड में आ गए हैं। उन्होंने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को तत्काल प्रभाव से विशेष गिरदावरी (सर्वेक्षण) कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा है कि राजस्थान की समृद्धि का आधार हमारे अन्नदाता हैं। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों के साथ खड़ी है। नुकसान का आकलन कर प्रभावितों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जाएगा।

बता दे कि इस बेमौसम बारिश का सबसे बुरा असर उन किसानों पर पड़ा है जिनकी फसल कटाई के लिए तैयार थी। स्थानीय किसानों का कहना है कि ओले गिरने से दाने कालाे पड़ सकते हैं। प्रशासन की ओर से जल्द सर्वे होने से किसानों को बीमा क्लेम मिलने में आसानी होगी।

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