लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आज मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। राज्यपाल नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगी। पश्चिमी यूपी को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। पासी समाज से कृष्णा पासवान का नाम चर्चा में है।

कैलाश राजपूत का नाम आगे चल रहा

वहीं बाल्मीकि समाज से सुरेंद्र दिलेर की दावेदारी तेज है। लोधी समाज से कैलाश राजपूत का नाम आगे चल रहा है। जबकि ओबीसी चेहरे के तौर पर हंसराज विश्वकर्मा का नाम सामने आ रहा है। हंसराज विश्वकर्मा पीएम के करीबी माने जाते हैं।

जनभवन में 3 बजे शपथग्रहण समारोह

इसके अलावा जाट समाज से भूपेंद्र चौधरी का नाम चल रहा हैं।सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय भी रेस में हैं। बीजेपी जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने की तैयारी में है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कल से ही लखनऊ में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई हैं। जन भवन में 3 बजे शपथ ग्रहण समारोह होगा।

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फेरबदल में जातीय समीकरण पर चर्चा

बता दें कि मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चा यूपी भाजपा को नया अध्यक्ष मिलने के बाद से और भी ज्यादा हो रही थी। माना जा रहा है कि सरकार पीडीए समीकरण को दुरुस्त कर सकती है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली से लखनऊ तक मंथन चल रहा है। मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड के आधार पर तो कई को संगठन में जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। माना जा रहा है कि संभावित मंत्रिमंडल के फेरबदल में जातीय समीकरण पर चर्चा की जाएगी।

मंत्रिमंडल में पिछड़े व दलित मंत्रियों का प्रतिनिधित्व व कद बढ़ाने पर मंथन किया जा रहा है। योगी कैबिनेट (Yogi Cabinet Expansion) में ऊर्जावान व युवा विधायकों को मौका मिल सकता है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का समायोजन भी इस मंत्रिमंडल में हो सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार में आधे दर्जन नए चेहरों को मौका मिलने के आसार दिख रहे हैं।

योगी कैबिनेट में अभी कुल 54 मंत्री

योगी कैबिनेट में अभी कुल 54 मंत्री हैं। जबकि संवैधानिक रूप से 60 मंत्रियों तक की गुंजाइश है। इसका मतलब योगी सरकार के पास 6 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का पूरा अवसर है। जिसके चलते सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। इस विस्तार के साथ-साथ कुछ मंत्रियों को संगठन की जिम्मेदारी देकर मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है।