Bihar Weather Report: बिहार में मौसम के लुकाछिपी का खेल जारी है। बीते दिनों हुई बारिश के बाद से तेज धूप निकलने और तापमान बढ़ने की वजह से लोगों को दिन में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच गया है। हालांकि इस बीच मौसम विभाग ने मौसम में बदलाव होने को लेकर आशंका जताई है, जिससे आने वाले दिनों में एक बार फिर से बारिश और आंधी देखने को मिल सकता है। इस दौरान आसमान से ठनका गिरने की भी खतरा बना रहेगा।
30 मार्च तक आंधी और बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च से 30 मार्च तक बारिश वाला मौसम रहेगा। विभाग ने इन दिनों के लिए पूरे बिहार में येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान पूरे प्रदेश में आंधी, बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इस दौरान 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है। हालांकि राजधानी पटना में सिर्फ 27 मार्च को मौसम के खराब रहने और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बाकी दिन मौसम शुष्क बना रहेगा।
जानें आज कैसा रहेगा मौसम?
आज की बात करें तो बिहार में आज का मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है। दिन में जहां आज भी लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, शाम तक आसमान में बादल छाने के साथ ही मौसम के ठंडा और खुशनुमा होने की उम्मीद है। आंधी-पानी को लेकर फिलहाल आज के लिए किसी भी प्रकार कोई चेतावनी नहीं जारी की गई है।
कैमूर रहा सबसे गर्म जिला
कल मंगलवार की बात करें तो बिहार का कैमूर सबसे गर्म जिला रहा। यहां अधिकतम तापमान 35.7°C तक पहुंच गया। वहीं डेहरी और सासाराम में भी पारा लगभग 35°C के आसपास दर्ज किया गया। गया और शेखपुरा में 34.6°C, जबकि नालंदा में 34.2°C तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा औरंगाबाद, बक्सर, छपरा, खगड़िया और बांका जैसे जिलों में भी तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा।
सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर
मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ सकता है। कभी ठंड तो कभी गर्मी के कारण सर्दी-खांसी और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में डॉक्टरों ने लोगों को परतदार कपड़े पहनें, पर्याप्त पानी पिने और ताजा भोजन करने की सलाह दी है। इसके साथ ही बारिश के दौरान भीगने से बचने की सला दी है।
फसलों को हुआ भारी नुकसान
पिछले दिनों बमौसम हुए आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था। बारिश के होने से कटाई के लिए तैयार गेहूं और मक्का की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गए। वहीं, खेतों में हुए जलजमाव के कारण सब्जियों और आम व लीची के भी फसलों को नुकसान पहुंचा। कई जिलों में फसलों के 60 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान जताया गया है। ऐसे में यदि फिर से बारिश होती है, तो बचे-कुचे फसलों के भी बर्बाद होने का खतरा पैदा हो गया है।
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