समीर शेख, बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिला अस्पताल की एक फिजियोथेरेपिस्ट महिला कर्मचारी ने सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना पर मानसिक प्रताड़ना, पद के दुरुपयोग और कार्यस्थल पर डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया है। महिला ने कलेक्टर समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी शिकायत भेजी है। पीड़िता ने बताया कि उनके 71 वर्षीय पिता को 16 अप्रैल को स्ट्रोक आया था। वे सात दिन तक वेंटिलेटर पर रहे और 6 मई को ट्रेकोस्टॉमी के साथ अस्पताल से डिस्चार्ज हुए। 31 मई तक घर पर उनकी 24 घंटे नर्सिंग देखभाल की गई। पीड़िता अपनी इकलौती अविवाहित बेटी होने के कारण पिता की देखभाल और खर्च की जिम्मेदारी उठा रही हैं। 

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महिला का आरोप है कि उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट के साथ छुट्टी का आवेदन दिया था, लेकिन 17 मई से 31 मई तक की उनकी छुट्टी मंजूर नहीं की गई। उनका 75 दिन का वेतन भी रोक दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार मौखिक निवेदन करने पर उन्हें ऑफिस के समय के बाद मिलने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत के अनुसार, 6 और 7 अगस्त को छुट्टी के आवेदन पर हाजिरी रजिस्टर में सवालिया निशान लगा दिया गया। 15 और 21 अगस्त को ड्यूटी पर मौजूद रहने के बावजूद उन्हें अनुपस्थित दिखाया गया। 1 सितंबर को उन्हें हाजिरी रजिस्टर पर दस्तखत करने से भी रोका गया। यहां तक कि आवक शाखा में उनका आवेदन लेने से भी मना कर दिया गया। 

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पीड़िता ने यह भी बताया कि पूर्व सिविल सर्जन डॉ. अनिता संगारे ने 19 सितंबर 2024 को एक पत्र (क्रमांक 7899) जारी कर उन्हें मानवीय आधार पर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आने की अनुमति दी थी। वर्तमान सिविल सर्जन ने इस आदेश को नजरअंदाज कर दिया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में पद के दुरुपयोग की जांच, जांच के दौरान सिविल सर्जन से प्रशासनिक दूरी बनाए रखने, बदले की कार्रवाई से सुरक्षा, गोपनीयता और लिखित में कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर ने बताया कि महिला कर्मचारी का एक शिकायती आवेदन आया था। जिसे हमने आंतरिक परिवाद समिति को भेजा है। इस संबंध में जैसे ही उनकी रिपोर्ट प्राप्त होती है। पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारी समय पर अस्पताल नहीं आती हैं और बिना बताए छुट्टी पर चली जाती हैं। अप्रैल महीने से वह करीब डेढ़ महीने तक लगातार अनुपस्थित रही हैं।

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