कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बदहाल सड़कों को लेकर हाईकोर्ट की सख्ती अब NHAI की सड़कों तक पहुंच गई है। शहर की सड़कों की गुणवत्ता जांच के बाद अब आगरा मुंबई हाईवे की सड़क को भी जांच की कसौटी पर परखा जा रहा है,मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहे के बीच सड़क की जेसीबी से खुदाई कर सैंपल लिए गए,खास बात ये है कि पूरी कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर गठित जांच कमीशन की निगरानी में हो रही है।

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ग्वालियर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर हाईकोर्ट ने अब सिर्फ सरकारी दावों और कागजी रिपोर्ट पर भरोसा करने के बजाय सड़क की वास्तविक परतों की जांच का रास्ता अपनाया है।शहर की 8 सड़कों से सैंपल लेने के बाद अब जांच का दायरा NHAI की सड़क तक पहुंच गया है,मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहे तक आगरा-मुंबई हाईवे के हिस्से से निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए हैं,हाईकोर्ट के आदेश पर गठित जांच कमीशन की निगरानी में सड़क की खुदाई कर अलग-अलग परतों से सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच में यह देखा जाएगा कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री तय मानकों और DPR में निर्धारित स्पेशिफिकेशन के मुताबिक है या नहीं।यानी सड़क ऊपर से कैसी दिखाई देती है,इससे ज्यादा महत्वपूर्ण अब यह होगा कि सड़क के नीचे वास्तव में क्या इस्तेमाल किया गया है।

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इस जांच के लिए हाईकोर्ट ने एडवोकेट कमीशन के साथ तकनीकी विशेषज्ञों की व्यवस्था की है। कोर्ट के निर्देश के मुताबिक सैंपलिंग की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराई जा रही है और लिए गए नमूनों को सील कर जांच के लिए भेजा जा रहा है। विवाद की स्थिति में सुरक्षित रखे गए सैंपल की किसी प्रतिष्ठित लैब से जांच कराई जा सकती है। इससे पहले हाईकोर्ट के आदेश पर ग्वालियर शहर की 8 सड़कों की भी सैंपलिंग हो चुकी है। सड़क की परत काटकर लिए गए नमूनों की जांच से निर्माण की गुणवत्ता और इस्तेमाल की गई सामग्री की वास्तविक स्थिति सामने आएगी,यानी हाईकोर्ट की कार्रवाई अब कागजों से निकलकर सीधे सड़क की परतों तक पहुंच चुकी है।

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सीनियर एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने जनहित याचिका के जरिए सड़क निर्माण से जुड़े दस्तावेज हाईकोर्ट के सामने रखे।इसी मामले में अब नगर निगम के साथ PWD और NHAI से जुड़े सड़क निर्माण के रिकॉर्ड और गुणवत्ता की भी पड़ताल हो रही है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सड़क निर्माण पर खर्च हुई राशि और DPR के मुताबिक निर्माण हुआ या नहीं,इसका पता लगाने के लिए सैंपलिंग जरूरी है,अब सवाल सिर्फ ग्वालियर की बदहाल सड़कों का नहीं है,सवाल ये है कि सड़क बनाने में कितना पैसा लगा,कितना काम जमीन पर हुआ और सड़क की परतों के अंदर गुणवत्ता कितनी है?,इन सैंपलों की लैब रिपोर्ट सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होगी।

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