चमोली की नीती घाटी में तमक नाले के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई बाढ़ में वैली ब्रिज बह गया. आपदा के दौरान लापता हुए हवलदार की तलाश में रेस्क्यू टीमें जुटी हैं.

चमोली. उत्तराखंड की नीती घाटी में तमक नाले के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से ज्योतिर्मठ-नीती मलारी हाईवे पर बना वैली ब्रिज बह गया. सोमवार को तमक गांव के पास हुई इस घटना के बाद आपदा के दौरान लापता हुए हवलदार की तलाश में रेस्क्यू टीमें सुबह से जुटी हुई हैं.

बताया गया है कि आपदा के समय हवलदार के साथ एक वाहन भी बह गया. सीमा सड़क संगठन सड़क यातायात को सुचारू करने के लिए तमक नाले के भीतर से ही अस्थायी सड़क तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है.

बाढ़ में बहा पुल

तमक नाले पर ज्योतिर्मठ से करीब 40 किलोमीटर दूर तमक गांव में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा की ओर से वैली ब्रिज बनाया गया था. सोमवार को नाले में अचानक बाढ़ की स्थिति बनी, जिसके बाद पुल तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया.

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, रात से रुक-रुककर बारिश हो रही थी. सोमवार को करीब 3 बजे पहली बार नाले का जलस्तर बढ़ा. इसके बाद लगभग साढ़े 4 बजे फिर जलस्तर बढ़ा और पुल के आसपास के खेत प्रभावित हुए.

पांच बजे आया सैलाब

बढ़े जलस्तर के दौरान हाईवे पर भी पानी पहुंचा था. इसके करीब पांच बजे तमक नाले में तेज बाढ़ आई, जिसने वैली ब्रिज को बहा दिया.

घटना के बाद लापता हवलदार की तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें अभियान चला रही हैं. वहीं, सीमा सड़क संगठन सड़क संपर्क बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुटा है.