विकास कुमार, सहरसा। जिले में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को पुख्ता करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। स्थानीय पुलिस लाइन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से ‘पुलिस दीदी योजना’ का औपचारिक आगाज किया गया। इस योजना का मुख्य केंद्र-बिंदु शैक्षणिक संस्थानों के इर्द-गिर्द का इलाका है, ताकि शिक्षण संस्थानों में आने-जाने वाली बालिकाओं और युवतियों को पूरी तरह सुरक्षित माहौल मिल सके।

​एसपी विक्रम सियाग ने सौंपी चाबियां

​सहरसा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विक्रम सियाग ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महिला पुलिसकर्मियों को चाबियां और वाहन सौंपे। एसपी ने अपने संबोधन में कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल गश्त बढ़ाना नहीं है, बल्कि छात्राओं के भीतर सुरक्षा की भावना को मजबूत करना भी है। पुलिस दीदी योजना के तहत तैनात होने वाली महिला कर्मियों की यह सुनिश्चित जिम्मेदारी होगी कि वे स्कूल और कॉलेज के खुलने तथा बंद होने के समय प्रमुख मार्गों और परिसरों के आसपास सक्रिय रहें।

​शैक्षणिक संस्थानों के पास बढ़ेगी गश्त

​स्कूटी मिलने के बाद महिला पुलिसकर्मियों की गतिशीलता (मोबिलिटी) में सीधा इजाफा हुआ है। अब वे संकरे रास्तों, बाजारों और स्कूल-कॉलेजों के आसपास आसानी से नियमित गश्त कर सकेंगी। इस सुगम आवाजाही से असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, छात्राओं को किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, फब्तियां कसने या अन्य किसी भी परेशानी का सामना होने पर तुरंत मौके पर मौजूद महिला पुलिस से संपर्क करने का सीधा जरिया मिल जाएगा।

​छात्राओं और पुलिस के बीच मजबूत होगा संवाद

​इस योजना की एक खास खूबी यह है कि यह पुलिस और छात्राओं के बीच की दूरी को कम करती है। महिला पुलिसकर्मियों के निरंतर संपर्क में रहने से छात्राएं अपनी समस्याओं, शिकायतों या सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बिना किसी झिझक के साझा कर सकेंगी। पुलिस विभाग का मानना है कि इस प्रकार की सक्रिय भागीदारी से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ेगा और महिलाएं खुद को अधिक सशक्त महसूस करेंगी। सहरसा पुलिस का यह कदम जिले में महिला सुरक्षा और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।