अमेठी में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी संजय चौहान ने टीकाकरण अभियान में सहयोग नहीं करने वाले विद्यालयों और मदरसों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी. बैठक में स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के साथ लापरवाही बरतने वाले पांच सीएचओ को फटकार लगाई गई और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया.
अमेठी. उत्तर प्रदेश के अमेठी में टीकाकरण अभियान को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. गुरुवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी संजय चौहान ने अभियान में अपेक्षित सहयोग नहीं करने वाले विद्यालयों और मदरसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी.
जिलाधिकारी ने कहा कि टीकाकरण समेत राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहयोग नहीं करने वाले संस्थानों की मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा. वहीं, लापरवाही के मामले में पांच सीएचओ को भी कड़ी फटकार लगाई गई.
स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा
जिलाधिकारी संजय चौहान ने जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने सभी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को इनका लाभ मिल सके.
उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जनहित से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की शिथिलता नहीं बरतने और विभागीय स्तर पर विशेष प्रयास कर प्रगति बेहतर करने के निर्देश दिए गए.

समीक्षा के दौरान जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्वास्थ्य सेवाओं, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना, मातृ एवं शिशु टीकाकरण, नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आशा कार्यकर्ताओं की रिपोर्टिंग एवं भुगतान, नियमित टीकाकरण और परिवार नियोजन कार्यक्रम की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई.
जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं के निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने और लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
स्कूलों को चेतावनी
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चल रहे टीकाकरण अभियान की समीक्षा में सामने आया कि जिले के कुछ विद्यालयों और मदरसों की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है. इससे निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति प्रभावित हो रही है.
समीक्षा में सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल गौरीगंज, सैनिक विद्यालय कौहार, मदरसा मोइनिया स्कूल रसूलाबाद, डिवाइन पब्लिक स्कूल मोहिउद्दीनपुर, मदरसा मटेरवा, पीएस/जूनियर हाई स्कूल और डीबीएस स्कूल नसरतपुर के नाम सामने आए.
जिलाधिकारी ने संबंधित विद्यालयों और संस्थानों को चेतावनी दी कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, विशेषकर टीकाकरण अभियान में सहयोग नहीं करने पर उनकी मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा. जिन संस्थानों को शासकीय सहायता मिल रही है, उनके संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
पांच सीएचओ को फटकार
बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में खराब प्रदर्शन करने वाली पांच सीएचओ, आशा और एएनएम कर्मियों के कामकाज की भी समीक्षा हुई. जिलाधिकारी ने संबंधित कार्मिकों को कठोर चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के निर्देश दिए.
वहीं, एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम के सफल संचालन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी सहित पांच चिकित्सा अधीक्षकों को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया.
जिलाधिकारी ने सम्मानित अधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जिले में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सफलता में स्वास्थ्य विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका है.


