लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी में एक बार फिर अंदरूनी बदलाव और नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. युवाओं को पार्टी की विचारधारा से जोड़ने के लिए शामिल किए गए आकाश आनंद को मुख्य धारा से हटाने के बाद छोटे भाई ईशान को जिम्मेदारी दिए जाने को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है. ऐसे में इस प्रश्न का उठना लाजिमी पहले आकाश फिर ईशान को जिम्मेदारी देना महज संयोग है या भविष्य का उत्तराधिकारी खोजने के लिए प्रयोग है.
हालांकि नेशनल कोआर्डिनेटर के पद से हटाए जाने के बाद आकाश आनंद ने अपने एक्स अकाउंट के बायो में पहले खुद को बीएसपी वर्कर बताया था, लेकिन अब उन्होंने इसे बदलकर बीएसपी सपोर्टर कर दिया है. आकाश आनंद के राजनीतिक कैरियर पर प्रकाश डाले तो बसपा की विचारधारा से जोड़ने के उद्देश्य से मायावती ने सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ाया था. जून 2019 में उन्हें राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया और दिसंबर 2023 में मायावती ने उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी घोषित किया था. इस दौरान अपनी आक्रामक भाषण शैली और राजनीतिक तेवरों के चलते वह कम समय में पार्टी के प्रमुख युवा चेहरों में शामिल हो गए.
इसे भी पढ़ें : ‘जिम्मेदारियों से मुंह न मोड़ें सरकारें’… UP, MP और दिल्ली की त्रासदी पर मायावती का सरकारों पर निशाना
उतार-चढ़ाव भरा रहा कैरियर
पार्टी में देखा जाए तो आकाश का राजनीतिक कैरियर उतार-चढ़ाव भरा रहा. मई 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान विवादित बयानों के बाद उन्हें राष्ट्रीय संयोजक और उत्तराधिकारी के पद से हटा दिया गया था. जून 2024 में उन्हें दोबारा दोनों जिम्मेदारियां सौंप दी गईं. मार्च 2025 में मायावती ने उन्हें सभी पदों से हटाने के बाद पार्टी से भी निष्कासित कर दिया था. बाद में सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के बाद उनकी बसपा में वापसी हुई और मई 2025 में उन्हें फिर महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई. इसके बाद फिर बीते 3 सितंबर को पार्टी की आल इंडिया बैठक में मायावती ने फिर से हटाने की घोषणा कर दी.
जिस बैठक में हटाये गए उसी में छोटे भाई को मिली जिम्मेदारी
पार्टी की जिस आल इंडिया बैठक में आकाश को हटाए जाने की घोषणा हुई, पार्टी के नेताओं की माने तो उनके छोटे भाई ईशान भी मौजूद थे. कहा जा रहा है कि उन्हें मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है. वह अपनी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व अपने पिता आनंद कुमार को करेंगे.
इसे भी पढ़ें : बसपा से फिर निकाले जाएंगे आकाश आनंद? मायावती ने कहा अनफॉलो करो, 4 दिन में दो बार बदला बायो
प्रयोग है या संयोग
पहले आकाश आनंद को पार्टी में शामिल करना फिर हटाना. उसके बाद छोटे भाई को जिम्मेदारी दिया जाना महज संयोग या प्रयोग. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आकाश व ईशान दोनों युवा हैं. ऐसे में पार्टी के भविष्य को देखते हुए यह एक तरह से प्रयोग ही है. जिससे पार्टी को अपना उत्तराधिकारी मिल सके.



