लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में मायावती और उनके भतीजे आकाश आनंद के बीच दूरी बढ़ने के संकेत एक बार फिर सामने आए हैं. रविवार को आकाश आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपना बायो बदलकर खुद को ‘पार्टी सपोर्टर, बीएसपी’ लिखा. इससे पहले 3 सितंबर को उन्होंने खुद को ‘पार्टी वर्कर, बीएसपी’ बताया था. इससे पहले वह ‘बसपा राष्ट्रीय समन्वयक’ लिखते थे.

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चार दिन में दूसरी बार बदला बायो

आकाश के लगातार बदलते बायो को पार्टी में उनकी भूमिका कमजोर होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अभी तक मायावती की ओर से आकाश को पार्टी से निष्कासित करने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस संबंध में बड़ा फैसला लिया जा सकता है.

मायावती ने सोशल मीडिया पर लिया बड़ा फैसला

रविवार को पार्टी पदाधिकारियों को आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को सोशल मीडिया पर अनफॉलो करने के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई. पार्टी कार्यालय प्रभारी मेवालाल गौतम ने जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों से फोन पर बात कर निर्देशों का पालन कराने की प्रक्रिया शुरू की.

ईशान आनंद को मिली नई जिम्मेदारी

बसपा में संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव किया गया है. मायावती के छोटे भतीजे और आकाश के छोटे भाई ईशान आनंद को यूपी और उत्तराखंड को छोड़कर देश के अन्य राज्यों के संगठन की समीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है. इससे पहले यह जिम्मेदारी आकाश आनंद के पास थी. इसके अलावा कई वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारियां भी बढ़ाई गई हैं.

सोशल मीडिया गतिविधियों से नाराजगी की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, आकाश आनंद को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही गतिविधियां भी मायावती की नाराजगी की वजह बनी हैं. ‘उम्मीदों का आकाश’ जैसे शब्दों के जरिए समर्थकों द्वारा माहौल बनाए जाने की चर्चा है. बताया जा रहा है कि आकाश से जुड़े कुछ सोशल मीडिया पोस्ट को अशोक सिद्धार्थ द्वारा री-ट्वीट किए जाने की जानकारी भी मायावती तक पहुंची. इसके बाद पार्टी के भीतर लगातार फैसले लिए जा रहे हैं.

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फिलहाल आकाश आनंद के खिलाफ पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक निष्कासन आदेश सामने नहीं आया है. ऐसे में उनकी आगे की भूमिका पर अंतिम तस्वीर मायावती के अगले फैसले के बाद ही साफ होगी.