अविनाश श्रीवास्तव, रोहतास। नौहट्टा थाना क्षेत्र के उल्हो गांव में डीजल और पेट्रोल की अवैध खुदरा दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में दुकान संचालक और उसकी चार साल की मासूम बेटी की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि पत्नी और आठ महीने का बेटा गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

​खाना बनाने के दौरान फैली आग

​मिली जानकारी के अनुसार, उल्हो गांव में लक्ष्मी कुमार गुप्ता अपनी झोपड़ीनुमा दुकान में खुले तौर पर डीजल और पेट्रोल बेचने का व्यवसाय करता था। घटना के वक्त उसकी पत्नी संजू देवी दुकान के पास ही चूल्हे पर खाना बना रही थी। इसी दौरान पेट्रोल के वाष्प या चिंगारी से आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की भयंकर लपटों के बीच दुकान में रखा एक एलपीजी गैस सिलेंडर भी जोरदार धमाके के साथ फट गया, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई।

​मौके पर ही बेटी की मौत

​हादसे की चपेट में आने से चार साल की मासूम पुत्री कीर्ति कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, दुकान संचालक लक्ष्मी कुमार गुप्ता, उसकी पत्नी संजू देवी और आठ महीने का बेटा सुमित कुमार गंभीर रूप से झुलस गए। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने किसी तरह कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और अंदर फंसे परिवार को बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए सासाराम के सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान पिता लक्ष्मी कुमार गुप्ता ने भी दम तोड़ दिया।

​मां और बच्चे की हालत नाजुक

​सदर अस्पताल में उपचाराधीन मां संजू देवी और आठ महीने के दुधमुंहे बेटे सुमित कुमार की हालत अभी भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम दोनों का इलाज कर रही है। इस घटना के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से इस प्रकार आवासीय और झोपड़ीनुमा इलाकों में खुलेआम पेट्रोल-डीजल बेचने वाले अवैध कारोबारियों पर सुरक्षा और जांच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।