CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और नेहा बोरा की हिरासत को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। DMK प्रमुख और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दोनों की हिरासत पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों के ठिकाने की जानकारी नहीं देना गैरकानूनी और अमानवीय है। स्टालिन ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश बंद करने की भी अपील की।

‘आंदोलन को कुचलने की कोशिश उसे और मजबूत करेगी’

एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि अभिजीत दीपके और नेहा बोरा कहां हैं और उन्हें किस जगह रखा गया है। स्टालिन ने कहा कि दोनों को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए और शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने की नीति बंद होनी चाहिए।

उन्होंने #GyaneshKumarMustGo सोशल मीडिया अभियान का भी समर्थन किया। स्टालिन के मुताबिक, आंदोलन को कुचलने की हर कोशिश उसे कमजोर करने के बजाय और मजबूत करेगी।

नेहा बोरा के पोस्ट से बढ़ा विवाद, दिल्ली पुलिस पर सवाल

स्टालिन ने नेहा बोरा के एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए हिरासत के तरीके पर सवाल उठाए। पोस्ट में दावा किया गया कि नेहा को अकेले हिरासत में लिया गया और उनके पास फोन भी नहीं है। पोस्ट में दिल्ली पुलिस से उनकी लोकेशन स्पष्ट करने की मांग करते हुए पूछा गया कि उन्हें कहां रखा गया है।

जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दीपके और नेहा बोरा को ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के तहत कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में तिरंगा फहराने जाने के दौरान अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिया गया।

जॉन ब्रिटास का दावा, 150 प्रदर्शनकारी हिरासत में

CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने भी प्रदर्शन को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शनकारी कनॉट प्लेस पहुंचे और तिरंगे का सम्मान किया। वहीं, दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, अब तक करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद शांतिपूर्ण विरोध, पुलिस की कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों की हिरासत को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m