पटना। बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव के नतीजे आज, 27 अक्टूबर को आएंगे। चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान कराया गया था। अब मंगलवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। इस चुनाव में कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं। मतगणना के साथ ही इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। चुनाव आयोग की घोषित समय-सारिणी के अनुसार, सभी आठ सीटों की मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में होगी। यहां स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 14 टेबल और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 7 टेबल लगाए गए हैं। पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार और जनसुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबले पर खास नजर रहेगी। चुनाव के दौरान पटना में कथित फर्जी वोटर कार्ड के जरिए मतदान की कोशिश और मोकामा में अनंत सिंह तथा नीरज कुमार के समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आई थीं। ऐसे में मतगणना की प्रक्रिया पर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजर रहेगी।

8 केंद्रों पर होगी मतगणना

बिहार की आठ विधान परिषद सीटों के लिए अलग-अलग मतगणना केंद्र निर्धारित किए गए हैं। पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की गिनती बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में होगी। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पूर्णिया स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय में कराई जाएगी।

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए छपरा के एसवीएन राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को केंद्र बनाया गया है। वहीं, तिरहुत स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना मुजफ्फरपुर स्थित एमआईटी के प्रशासनिक भवन में होगी। अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के लिए भी निर्धारित केंद्रों पर मतगणना की तैयारियां पूरी की गई हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, CCTV से निगरानी

पटना में मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए हैं। अधिकारियों ने बांकीपुर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया था। मतगणना केंद्र पर सुरक्षा बलों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और प्रवेश व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए गए हैं। मतगणना केंद्र में प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र जरूरी होगा। प्रशासन की कोशिश है कि मतगणना की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत पूरी हो और किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

RJD ने चुनाव आयोग से की थी पारदर्शिता की मांग

मतगणना से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर गिनती की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की थी। पार्टी ने अनुरोध किया था कि संदिग्ध मतपत्रों को वैध या अवैध घोषित करने से संबंधित फैसला पहली वरीयता के मतों की गिनती शुरू होने से पहले किया जाए। आरजेडी ने मतपत्रों पर अतिरिक्त निशान लगाने से रोकने और वायलेट पेन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की मांग भी की थी। पार्टी ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव का हवाला देते हुए मतपत्रों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की बात कही थी।

इसके अलावा, पार्टी ने सभी अधिकारियों से मतपत्रों को वैध या अवैध घोषित करने के लिए समान नियमों का पालन कराने, मतगणना की वीडियोग्राफी करने और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का अनुरोध किया था। आरजेडी ने उम्मीदवारों के एजेंटों को किसी गड़बड़ी पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर देने और अंतिम परिणाम घोषित करने से पहले मतों तथा आंकड़ों का मिलान करने की मांग भी की थी।

स्नातक सीटों पर 43.87%, शिक्षक सीटों पर 74.55% मतदान

23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक हुए मतदान में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में 43.87 प्रतिशत और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 74.55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत स्नातक सीटों की तुलना में अधिक रहा। अब मतगणना के दौरान पहले वरीयता के मतों समेत निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के अनुसार गिनती की जाएगी। यदि किसी उम्मीदवार को आवश्यक कोटा नहीं मिलता है, तो नियमों के मुताबिक आगे की वरीयताओं के आधार पर भी मतों की गणना हो सकती है। मतगणना पूरी होने के बाद ही आठों सीटों के परिणाम स्पष्ट होंगे।