गयाजी। जिले के चंदौती थाना क्षेत्र के बालदेव नगर में जमीन के एक पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस वीडियो फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लगातार छापेमारी कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस घटना में संलिप्त किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।
सुबह के समझौते के बाद दोपहर में भड़की हिंसा
यह पूरी सनसनीखेज घटना 24 अक्टूबर को हुई थी। जानकारी के मुताबिक, सुबह के समय पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच उपजे तनाव को शांत करा दिया था और मामले को सुलझाने का प्रयास किया था। हालांकि, कानून-व्यवस्था को ताक पर रखते हुए दोपहर के वक्त करीब 40 से 50 लोगों की भीड़ दोबारा उस विवादित जमीन पर जा पहुंची।
भीड़ ने वहां पहुंचते ही बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और बमबाजी हुई। इस दौरान इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को घटनास्थल से दो सुतली बम भी बरामद हुए, जिन्हें बाद में बम निरोधक दस्ते की मदद से सुरक्षित तरीके से हटा दिया गया।
एसआईटी का गठन और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां
इस गंभीर घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए SSP सुशील कुमार ने तुरंत प्रभाव से एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की और ताबड़तोड़ दबिश देना शुरू किया।
पुलिस की शुरुआती और हालिया कार्रवाई में कई आरोपियों को दबोचा गया है:
- मुख्य गिरफ्तारियां: वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने विशाल कुमार उर्फ विक्कू पांडेय उर्फ चिक्कू दुबे और उसके सगे भाई कुशाल दुबे को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा छोटू कुमार उर्फ रंजन कुमार, साहिल कुमार और सरजू कुमार को भी पकड़ा गया है, जो गयाजी के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।
- अन्य आरोपी: पुलिस की सूची में बोडिल पासवान उर्फ सन्नी पासवान और प्रियंशु कुमार उर्फ मोटी पासवान के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
- पहले हुई गिरफ्तारियां: गत 26 अक्टूबर को इस कांड में संलिप्त दो अन्य आरोपितों रवि कुमार और अनुज कुमार को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
एक आरोपी का कोर्ट में सरेंडर
पुलिस की लगातार दबिश और बढ़ते कानूनी शिकंजे के बीच इस घटना में शामिल एक अन्य आरोपी रामजी पासवान ने खुद को घिरता देख 26 अक्टूबर को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इस प्रकार पुलिस की अलग-अलग कार्रवाइयों और एक आत्मसमर्पण को मिलाकर अब तक इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 9 आरोपियों पर शिकंजा कसा जा चुका है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि बाकी फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

