प्रयागराज. नवाबगंज इलाके में जमीन के नीचे दबाकर रखे गए तीन ड्रमों से करोड़ों रुपये मिलने का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक, ड्रमों में 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं. बरामद नकदी की कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है. आयकर विभाग की टीम नकदी की गिनती और जांच करेगी.

इसे भी पढ़ें- प्रदर्शन जीरो और सीट चाहिए 200..! MLC चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर राजभर का तंज, बोले- अपने मित्र राहुल जी को बधाई दी या नहीं

सूचना के बाद पुलिस ने गांव में की छापेमारी

मामला जिला मुख्यालय से करीब 32 किलोमीटर दूर बरईपुर रामनगर गांव का है. पुलिस के मुताबिक, बुधवार (28 अक्टूबर) देर शाम सूचना मिली कि राकेश यादव उर्फ महाकाल के घर में चोरी के रुपये जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए हैं. इसके बाद डीसीपी गंगानगर सोनम कुमार और एडीसीपी पुष्कर वर्मा समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची. तलाशी से पहले गांव की बिजली कटवाई गई. फिर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया.

जमीन में दबे तीन ड्रमों से मिली नकदी

घर की तलाशी के दौरान जमीन के नीचे दबे तीन ड्रम मिले. इनमें 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी थीं. पुलिस ने नकदी कब्जे में लेकर घर को सील कर दिया. घर और आसपास के इलाके में पुलिस तैनात है. मौके पर तीन थानों की पुलिस और विशेष टीमें भी पहुंचीं. बाग और खाली जमीन की घेराबंदी की गई है.

लॉकडाउन के दौरान गांव आया था परिवार

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, राकेश यादव का भाई बबलू यादव कई साल से पुणे में रहता था. वर्ष 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान वह अपने दो जीजा और साढ़ू के साथ गांव आया था. पुलिस को आशंका है कि बरामद नकदी का संबंध उस दौरान गांव लाई गई रकम से हो सकता है.

इसे भी पढ़ें- UP एमएलसी चुनाव: सपा का बड़ा उलटफेर, जानें किसे कितनी सीट मिली?

ग्रामीणों ने जमीन और मकान खरीदने का किया दावा

ग्रामीणों का दावा है कि राकेश यादव ने पिछले कुछ वर्षों में करीब 50 बीघा जमीन खरीदी. उन्होंने लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मकान बनवाने के साथ दो ट्रैक्टर और डीजे भी खरीदा. डीसीपी सोनम कुमार के मुताबिक, रात अधिक होने के कारण बुधवार को तलाशी रोक दी गई थी. आयकर विभाग और संबंधित एजेंसियों को सूचना दे दी गई है. नकदी के स्रोत का पता जांच के बाद चलेगा.