दिल्ली CM रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने राजधानी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों (Historical heritage sites) के संरक्षण, विकास और संवर्धन के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। इन दोनों योजनाओं को दिल्ली कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इन योजनाओं के तहत दिल्ली सरकार पहली बार सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी क्षेत्र और सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी से स्थानीय महत्व वाले ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और विकास का व्यापक अभियान शुरू करेगी। इसका उद्देश्य दिल्ली की विरासत को सुरक्षित रखना, स्मारकों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करना और आम लोगों को शहर की ऐतिहासिक पहचान से जोड़ना है।

दिल्ली सरकार राजधानी की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए ‘हमारे स्मारक, हमारा गौरव’ अभियान के तहत दो नई योजनाएं शुरू कर रही है। इसके अंतर्गत दिल्ली मुख्यमंत्री स्मारक अभिग्रहण योजना और दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना लागू की जाएंगी। इन योजनाओं का उद्देश्य अधिक से अधिक संस्थाओं और नागरिकों को दिल्ली की विरासत के संरक्षण अभियान से जोड़ना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार का पुरातत्व विभाग दिल्ली सरकार पुरातत्व विभाग, दिल्ली प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक तथा पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम (DAHMASR), 2004 के तहत उन स्थानीय महत्व वाले ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण, रखरखाव और विकास की जिम्मेदारी निभाता है, जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। इन ऐतिहासिक स्मारकों को बेहतर पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित करना है। इसके तहत स्मारकों के आसपास जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, नियमित और व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, इन धरोहर स्थलों को पर्यटकों के लिए अधिक आकर्षक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

स्मारकों को गोद लेने का अवसर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली मुख्यमंत्री स्मारक अभिग्रहण योजना के तहत सार्वजनिक उपक्रम (PSU), निजी कंपनियां, पंजीकृत NGO, ट्रस्ट, संस्थाएं और इच्छुक नागरिक स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से दिल्ली सरकार के ऐतिहासिक स्मारकों को गोद ले सकेंगे। इस पहल में सहयोग करने वाले संस्थानों और नागरिकों को ‘स्मारक मित्र’ कहा जाएगा। वर्तमान में दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के संरक्षण में 75 ऐतिहासिक स्मारक हैं। योजना के तहत स्मारक मित्र संबंधित स्मारकों की साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटकों के लिए लाइट एंड साउंड शो जैसी सुविधाओं के विकास, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेंगे। सरकार के अनुसार, इस पहल से स्मारकों के रखरखाव की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रत्येक गोद लिए गए स्मारक पर दिल्ली सरकार को औसतन करीब 4.5 लाख रुपये प्रति वर्ष की बचत होने का अनुमान है।

5 वर्ष होगी स्मारक अभिग्रहण की अवधि

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली मुख्यमंत्री स्मारक अभिग्रहण योजना के तहत स्मारक मित्रों को किसी स्वीकृत कार्यक्रम या आयोजन से होने वाली आय का इस्तेमाल केवल संबंधित स्मारक के रखरखाव और विकास कार्यों में ही करना होगा। इस आय को निजी लाभ के रूप में अपने पास रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बताया कि स्मारक अभिग्रहण की अवधि 5 वर्ष निर्धारित की गई है। योजना को लागू करने के लिए दिल्ली सरकार, संबंधित भूमि स्वामी एजेंसी और स्मारक मित्र के बीच त्रिपक्षीय समझौता (MoU) किया जाएगा।

दिल्ली सरकार की दिल्ली मुख्यमंत्री स्मारक अभिग्रहण योजना की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जाएगा। योजना के तहत नियमित निगरानी, समय-समय पर समीक्षा और हितधारकों व पर्यटकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर इसका मूल्यांकन किया जाएगा। योजना में भाग लेने के इच्छुक संस्थानों और व्यक्तियों को एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) प्रस्तुत करना होगा। इसके साथ ही प्रत्येक स्मारक के लिए एक विजन डॉक्यूमेंट भी देना अनिवार्य होगा।

स्मारकों के विकास और रखरखाव का करेंगे कार्य

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली मुख्यमंत्री स्मारक अभिग्रहण योजना और दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के उद्देश्य अलग-अलग हैं, हालांकि दोनों का लक्ष्य दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और विकास करना है। उन्होंने बताया कि स्मारक अभिग्रहण योजना के तहत ‘स्मारक मित्र’ अपने संसाधनों के माध्यम से ऐतिहासिक स्थलों पर साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, लाइट एंड साउंड शो और अन्य पर्यटक सुविधाओं के विकास व रखरखाव का कार्य करेंगे। वहीं, दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के अंतर्गत सरकार पात्र और विशेषज्ञ संस्थाओं को स्मारकों के मूल संरक्षण, जीर्णोद्धार और अन्य तकनीकी संरक्षण कार्यों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी।

विरासत नवोत्थान योजना में पात्र संस्थाओं को मिलेगा 2 करोड़ रुपये तक का अनुदान

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के तहत पात्र संस्थाओं को स्मारकों के संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यों के लिए अधिकतम 2 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जा सकेगा।इस योजना का लाभ राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पंजीकृत स्वैच्छिक संगठन, ट्रस्ट, फाउंडेशन, शैक्षणिक संस्थान, विश्वविद्यालय, डीम्ड विश्वविद्यालय तथा केंद्र और राज्य सरकारों के स्वायत्त संस्थान उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वैच्छिक संगठनों, ट्रस्ट, फाउंडेशन और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भारत सरकार दर्पण पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसके माध्यम से योजना में भाग लेने वाली संस्थाओं की पात्रता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि वर्तमान में दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले 75 स्मारकों में से 21 स्मारकों का मूल संरक्षण कार्य दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) द्वारा कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना के माध्यम से इस संरक्षण कार्य में पात्र और विशेषज्ञ संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि स्मारकों के संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्यों को बेहतर तकनीकी विशेषज्ञता के साथ आगे बढ़ाया जा सके। योजना के तहत इच्छुक पात्र संस्थाओं को निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन पुरातत्व विभाग की वेबसाइट और समाचार पत्रों में प्रकाशित आमंत्रण के आधार पर किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि विश्वविद्यालय, डीम्ड विश्वविद्यालय और सरकारी स्वायत्त संस्थान अपने रजिस्ट्रार या विभागाध्यक्ष के माध्यम से सीधे आवेदन कर सकेंगे।

योजनाओं से रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मुख्यमंत्री स्मारक अभिग्रहण योजना और दिल्ली मुख्यमंत्री विरासत नवोत्थान योजना से कुशल, अर्धकुशल और पेशेवर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इन योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक शिल्पों को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की भागीदारी बढ़ेगी तथा स्थानीय समुदायों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण करना नहीं है, बल्कि इन्हें जनभागीदारी के माध्यम से जीवंत सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत शहर की पहचान और सामूहिक धरोहर है। सरकार समाज की भागीदारी के साथ इन स्मारकों को सुरक्षित रखने, संरक्षित करने और विकसित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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