काजल, हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र विनय सैनी ने दुनिया भर में संस्थान का नाम रोशन किया है। वे इस विश्वविद्यालय के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के पहले बैच के छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और नए विचारों के दम पर वैश्विक स्तर पर एक बड़ी पहचान बनाई है। अपनी इस सफलता के बाद विनय सैनी ने खुद की लिखी किताबों की कॉपियां अपने पुराने विभाग को तोहफे में दी हैं ताकि वहां पढ़ रहे छात्र उनसे सीख ले सकें और आगे बढ़ सकें।

कुलपति और विभागाध्यक्ष ने जताई खुशी

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर नरसी राम बिश्नोई ने विनय की इस कामयाबी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की असली पहचान वहां से निकले छात्रों की सफलता से ही होती है। विनय ने पूरी दुनिया में जो मुकाम हासिल किया है, वह आज के छात्रों के लिए एक मिसाल है। वहीं विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ओम प्रकाश सांगवान ने कहा कि पहले ही बैच के छात्र का इस ऊंचाई पर पहुंचना पूरे विभाग के लिए गर्व की बात है। विनय का अपनी जड़ों से जुड़े रहना और नए छात्रों का मार्गदर्शन करना वाकई तारीफ के काबिल है।

विश्वविद्यालय से मिला था पहला प्लेसमेंट

अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए विनय सैनी ने कहा कि वे अपने कॉलेज और जूनियर छात्रों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। उन्होंने बताया कि इसी विश्वविद्यालय ने उनके व्यक्तित्व को संवारा है और यहां के शिक्षकों की वजह से ही वे आज इस मुकाम पर हैं। आपको बता दें कि विनय अपने बैच के पहले ऐसे छात्र थे जिन्हें विश्वविद्यालय से पहली नौकरी यानी प्लेसमेंट मिला था। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और पिछले 20 सालों में करियर की नई ऊंचाइयों को छुआ।

दुनिया की बड़ी कंपनियों में संभाल रहे कमान

विनय सैनी वर्तमान में दुनिया की जानी-मानी तकनीकी कंपनी सिसको सिस्टम्स में प्रिंसिपल आर्किटेक्ट के ऊंचे पद पर काम कर रहे हैं। इस पद पर रहते हुए वे इंटरनेट नेटवर्किंग, क्लाउड डेटा, साइबर सुरक्षा और इंटरनेट से जुड़ी चीजों की सुरक्षा के लिए वैश्विक स्तर पर नीतियां तय करते हैं। आसान शब्दों में कहें तो वे इंटरनेट की दुनिया को सुरक्षित और बेहतर बनाने वाली बड़ी योजनाओं का नेतृत्व करते हैं।

नाम दर्ज हैं कई बड़े रिकॉर्ड

विनय की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उनके नाम पर अमेरिका में 100 से ज्यादा पेटेंट दर्ज हैं। पेटेंट मिलने का मतलब है कि उन्होंने तकनीक की दुनिया में 100 से अधिक ऐसी नई खोजें की हैं जो उनसे पहले दुनिया में किसी ने नहीं की थीं। इसके साथ ही वे कई तकनीकी और करियर गाइडेंस से जुड़ी किताबें भी लिख चुके हैं। वे दुनिया भर के बड़े सम्मेलनों में भाषण देने के लिए बुलाए जाते हैं और कंप्यूटर की सबसे आधुनिक तकनीकों पर काम कर रहे हैं। विश्वविद्यालय परिवार को अपने इस पूर्व छात्र की सफलता पर बेहद गर्व है।